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Agra: कागारौल पुलिस ने पकड़ा राशन माफिया, अवैध चावल से भरा लोडर टेम्पो बरामद
Thu, 26 Dec 2024 12:28 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 26 Dec 2024 12:28 PM IST
सार
सरकारी चावल की कालाबाजारी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। कागारौल पुलिस ने अवैध चावल से भरा लोडर टेम्पो बरामद किया है। साथ ही चावल माफिया और उसके दो गुर्गों को भी दबोच लिया गया।
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चावल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के थाना कागारौल पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने चावल माफिया सहित दो को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही लोडर में ले जाए जा रहे सरकारी चावल को भी बरामद कर लिया गया है।
पुलिस ने चावल माफिया सुमित अग्रवाल सहित दो अन्य को चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चावलों से भरा एक लोडर को भी बरामद किया, जिसमें सरकारी चावल मिला। इससे पहले भी कई बार प्रशासन ने चावल माफिया सुमित अग्रवाल पर शिकंजा कसा है, लेकिन हर बार वह किसी न किसी तरह बच निकलता है। चावल माफिया का यह खेल लंबे समय से चल रहा है। स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायतें भी की गई हैं। बावजूद इसके, सुमित अग्रवाल फिर सक्रिय होकर चावल सप्लाई का कार्य कर रहा है।
प्रशासन की मिलीभगत या लापरवाही?
स्थानीय लोगों का कहना है कि माफिया के इस अवैध कारोबार के पीछे कुछ प्रभावशाली लोगों का हाथ हो सकता है, जिससे यह खेल लंबे समय से जारी है। सवाल उठता है कि आखिर किसकी सह पर सुमित अग्रवाल बार-बार इस गोरखधंधे को अंजाम देता है और पुलिस कार्रवाई के बावजूद मुक्त होकर सक्रिय हो जाता है।
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क्या करेगी थाना कागारौल पुलिस?
अब देखना यह होगा कि थाना कागारौल पुलिस इस मामले में कितनी सख्ती से कार्यवाही करती है और क्या सुमित अग्रवाल पर कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे सजा दिला पाती है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
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पुलिस ने चावल माफिया सुमित अग्रवाल सहित दो अन्य को चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चावलों से भरा एक लोडर को भी बरामद किया, जिसमें सरकारी चावल मिला। इससे पहले भी कई बार प्रशासन ने चावल माफिया सुमित अग्रवाल पर शिकंजा कसा है, लेकिन हर बार वह किसी न किसी तरह बच निकलता है। चावल माफिया का यह खेल लंबे समय से चल रहा है। स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायतें भी की गई हैं। बावजूद इसके, सुमित अग्रवाल फिर सक्रिय होकर चावल सप्लाई का कार्य कर रहा है।
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प्रशासन की मिलीभगत या लापरवाही?
स्थानीय लोगों का कहना है कि माफिया के इस अवैध कारोबार के पीछे कुछ प्रभावशाली लोगों का हाथ हो सकता है, जिससे यह खेल लंबे समय से जारी है। सवाल उठता है कि आखिर किसकी सह पर सुमित अग्रवाल बार-बार इस गोरखधंधे को अंजाम देता है और पुलिस कार्रवाई के बावजूद मुक्त होकर सक्रिय हो जाता है।
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क्या करेगी थाना कागारौल पुलिस?
अब देखना यह होगा कि थाना कागारौल पुलिस इस मामले में कितनी सख्ती से कार्यवाही करती है और क्या सुमित अग्रवाल पर कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे सजा दिला पाती है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।