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गंगानदी में कादरगंज पर डॉल्फिन के लिए अनुकूल है वातावरण
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कासगंज में हजारा नहर झाल के पुल पर दिखी डॉल्फिन। फाइल फोटो
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। कछला गंगानदी में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम कई डॉल्फिन होने की संभावना जता चुकी है। ऐसे में टीम ने जिले की सीमा से गुजर रही गंगानदी में सर्वे का काम पूरा कर लिया है। डॉल्फिन के लिए नदी में अनुकूल वातावरण के स्थान तलाशे हैं। डॉल्फिन के लिए सबसे अनुकूल वातावरण कादरगंज पर पाया गया है। अफसरों के मुताबिक कादरगंज गंगानदी में पूर्व में डॉल्फिन देखी जा चुकी हैं।
जल और जलीय जीव संरक्षण को जब जिला प्रशासन और वन विभाग ने संजीदगी दिखाई है तो अब डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम विशेष रुचि ले रही है। टीम के अफसर काफी समय से जिले में ढेरा जमाए हुए हैं और वे समय-समय पर नहर नदियों के सर्वेक्षण में जुटे हुए हैं हालांकि डॉल्फिन का परिवार हजारा नहर के झाल पर अपना बसेरा कर रहा है और पानी में अठखेलियों भी करता है। वहीं कछला गंगानदी में 9 से अधिक डॉल्फिन होने की संभावना डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम ने जताई है। पूर्व में यहां डॉल्फिन देखी जा चुकी है। कादरगंज गंगाघाट पर पानी की गहराई अधिक है और पानी साफ है। ऐसे में टीम के अफसरों ने माना है कि डॉल्फिन के लिए यहां का घाट बेहद अनुकूल है।
वर्जन-
- हमारी टीम ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। पूर्व में अलीगढ़ के सांकरा में और कासगंज के कादरगंजघाट पर कई पर डॉल्फिन देखी जा चुकी है। यहां गहराई अधिक है और साफ पानी है। डॉल्फिन को यही वातावरण चाहिए होता है- राजेश वाजपेयी, सीनियर कॉर्डिनेटर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ।
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जल और जलीय जीव संरक्षण को जब जिला प्रशासन और वन विभाग ने संजीदगी दिखाई है तो अब डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम विशेष रुचि ले रही है। टीम के अफसर काफी समय से जिले में ढेरा जमाए हुए हैं और वे समय-समय पर नहर नदियों के सर्वेक्षण में जुटे हुए हैं हालांकि डॉल्फिन का परिवार हजारा नहर के झाल पर अपना बसेरा कर रहा है और पानी में अठखेलियों भी करता है। वहीं कछला गंगानदी में 9 से अधिक डॉल्फिन होने की संभावना डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम ने जताई है। पूर्व में यहां डॉल्फिन देखी जा चुकी है। कादरगंज गंगाघाट पर पानी की गहराई अधिक है और पानी साफ है। ऐसे में टीम के अफसरों ने माना है कि डॉल्फिन के लिए यहां का घाट बेहद अनुकूल है।
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वर्जन-
- हमारी टीम ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। पूर्व में अलीगढ़ के सांकरा में और कासगंज के कादरगंजघाट पर कई पर डॉल्फिन देखी जा चुकी है। यहां गहराई अधिक है और साफ पानी है। डॉल्फिन को यही वातावरण चाहिए होता है- राजेश वाजपेयी, सीनियर कॉर्डिनेटर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ।
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