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25 साल बाद इंसाफ, पीड़िता को मिला बीमा कंपनी का चेक
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आगरा। खंदारी स्थित मास्टर प्लान रोड निवासी कुसुम को पति की मौत के 25 साल बाद बीमा की धनराशि का चेक मिल सका। पहले कंपनी ने क्लेम खारिज कर दिया था। जिला उपभोक्ता फोरम ने भी मुकदमा खारिज कर दिया। पीड़िता ने राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अपील की। आयोग के आदेश पर पीड़िता को चेक प्रदान किया गया।
कुसुम के पति राजेंद्र सिंह ने 14 मई 1993 को ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी से पॉलिसी ली थी। बीमा की राशि चार लाख रुपये थी। 28 दिसंबर 1993 को राजेंद्र अपने घर की सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 29 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। कुसुम ने पति की मौत पर इंश्योरेंस कंपनी में क्लेम किया। मगर, कंपनी ने खारिज कर दिया। उन्होंने उपभोक्ता फोरम प्रथम में मुकदमा प्रस्तुत किया।
फोरम ने भी वर्ष 2017 में मुकदमा खारिज कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, लखनऊ में अपील की। आयोग के अध्यक्ष अख्तर हुसैन खान एवं सदस्य विकास खन्ना ने अधिवक्ता नवीन कुमार तिवारी के तर्क के आधार पर वादी के पक्ष में फैसला सुनाया। इंश्योरेंस कंपनी को पीड़िता को छह फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से बीमा की राशि और व्यय के रूप में खर्च दस हजार रुपये दिलाने के आदेश किए।
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आयोग के आदेश के अनुपालन में उपभोक्ता फोरम प्रथम के अध्यक्ष सर्वेश कुमार ने कुसुम को 9,24000 और 24,000 रुपये का चेक प्रदान किया।
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कुसुम के पति राजेंद्र सिंह ने 14 मई 1993 को ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी से पॉलिसी ली थी। बीमा की राशि चार लाख रुपये थी। 28 दिसंबर 1993 को राजेंद्र अपने घर की सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 29 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। कुसुम ने पति की मौत पर इंश्योरेंस कंपनी में क्लेम किया। मगर, कंपनी ने खारिज कर दिया। उन्होंने उपभोक्ता फोरम प्रथम में मुकदमा प्रस्तुत किया।
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फोरम ने भी वर्ष 2017 में मुकदमा खारिज कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, लखनऊ में अपील की। आयोग के अध्यक्ष अख्तर हुसैन खान एवं सदस्य विकास खन्ना ने अधिवक्ता नवीन कुमार तिवारी के तर्क के आधार पर वादी के पक्ष में फैसला सुनाया। इंश्योरेंस कंपनी को पीड़िता को छह फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से बीमा की राशि और व्यय के रूप में खर्च दस हजार रुपये दिलाने के आदेश किए।
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आयोग के आदेश के अनुपालन में उपभोक्ता फोरम प्रथम के अध्यक्ष सर्वेश कुमार ने कुसुम को 9,24000 और 24,000 रुपये का चेक प्रदान किया।