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जोंस मिल: तीन माह बाद भी जांच अधूरी, सुस्त रफ्तार पर खड़े हुए सवाल
Sun, 08 Nov 2020 03:15 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 08 Nov 2020 03:15 PM IST
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जोंस मिल की जगह
- फोटो : अमर उजाला
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जोंस मिल की जांच ‘बीरबल की खिचड़ी’ बन गई है। तीन माह बाद भी जांच अधूरी है। एडीएम प्रशासन के एक बार फिर नए सिरे से जांच करने के आदेश पर सवाल खड़े हो रहे हैं। डीएम प्रभु एन सिंह के बार-बार निर्देशित करने के बावजूद अब तक जांच बेनतीजा है।
जोंस मिल में हुए विस्फोट के बाद 29 जुलाई को जिला मजिस्ट्रेट प्रभु एन सिंह ने जोंस मिल की जांच एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव को सौंपी थी। तीन माह बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी। अगस्त-सितंबर में जांच के दौरान यहां मौजा घटवासन के 23 खसरों में 128 बीघा संपत्ति मिली थी। इसमें बड़े पैमाने पर श्रम विभाग, नगर निगम, नजूल, सिंचाई विभाग की संपत्ति होने का खुलासा हुआ था।
नजूल की फर्जी एनओसी से बिल्डर ने नक्शे पास कराए थे। डीएम के आदेश पर इनकी एनओसी निरस्त की गई। कई दिनों तक यहां मौके पर काबिज लोगों के एडीएम प्रशासन कार्यालय में बयान दर्ज हुए। इधर पिछले दिनों जोंस मिल के मालिक सर जोंस की वारिस मौरीन उर्फ गीता चीमा के अधिवक्ता की हत्या हो चुकी है। फिर भी इस मामले में जांच की सुस्त रफ्तार पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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जोंस मिल में हुए विस्फोट के बाद 29 जुलाई को जिला मजिस्ट्रेट प्रभु एन सिंह ने जोंस मिल की जांच एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव को सौंपी थी। तीन माह बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी। अगस्त-सितंबर में जांच के दौरान यहां मौजा घटवासन के 23 खसरों में 128 बीघा संपत्ति मिली थी। इसमें बड़े पैमाने पर श्रम विभाग, नगर निगम, नजूल, सिंचाई विभाग की संपत्ति होने का खुलासा हुआ था।
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नजूल की फर्जी एनओसी से बिल्डर ने नक्शे पास कराए थे। डीएम के आदेश पर इनकी एनओसी निरस्त की गई। कई दिनों तक यहां मौके पर काबिज लोगों के एडीएम प्रशासन कार्यालय में बयान दर्ज हुए। इधर पिछले दिनों जोंस मिल के मालिक सर जोंस की वारिस मौरीन उर्फ गीता चीमा के अधिवक्ता की हत्या हो चुकी है। फिर भी इस मामले में जांच की सुस्त रफ्तार पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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40 बीघा की दोबारा जांच
एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव को चार गाटा में करीब 40 बीघा जमीन सरकारी मिली है। इसकी फिर दोबारा नए सिरे से जांच हो रही है। इसकी रिपोर्ट शुक्रवार तक तैयार होनी थी, लेकिन शनिवार तक टीमें सूचियां बनाती रहीं। एसडीएम सदर एम अरुन्मौली ने कहा अभी जांच में समय लगेगा। वहीं इस संबंध में एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
जल्द पूरी होगी जांच
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा कि जोंस मिल प्रकरण की जांच जल्द पूरी होगी। दो अधिकारियों को अधिकृत किया है। पुराने दस्तावेज हैं इसलिए समय लग रहा है। एक बार फाइनल रिपोर्ट बन जाए। फिर जिला प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।
एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव को चार गाटा में करीब 40 बीघा जमीन सरकारी मिली है। इसकी फिर दोबारा नए सिरे से जांच हो रही है। इसकी रिपोर्ट शुक्रवार तक तैयार होनी थी, लेकिन शनिवार तक टीमें सूचियां बनाती रहीं। एसडीएम सदर एम अरुन्मौली ने कहा अभी जांच में समय लगेगा। वहीं इस संबंध में एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
जल्द पूरी होगी जांच
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा कि जोंस मिल प्रकरण की जांच जल्द पूरी होगी। दो अधिकारियों को अधिकृत किया है। पुराने दस्तावेज हैं इसलिए समय लग रहा है। एक बार फाइनल रिपोर्ट बन जाए। फिर जिला प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।