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Pain In Joints: कम उम्र में क्यों हो रहा है घुटने में दर्द और पैरों में सूजन? ये लक्षण दिखते ही हो जाएं सावधान

Mon, 14 Aug 2023 10:23 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 14 Aug 2023 10:23 AM IST
सार

युवाओं में जोड़ों के दर्द की समस्या देखने को मिल रही है। 30 से 40 साल के 25 फीसदी युवाओं के घुटने-हड्डियों में दर्द और पैरों में सूजन हो रही है। आखिर इसकी वजह क्या है। आइये जानते हैं क्या कहते हैं विशेषज्ञ....
 

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Joints and Knee Pain in Young age Causes Symptoms Risk factors Prevention treatment prevention
जोड़ों के दर्द - फोटो : getty

विस्तार

खराब फिटनेस, गुनगुनी धूप और दूध से बचने वाले युवाओं की हड्डियां जवाब देने लगी हैं। हालत ये है कि 30-40 साल की उम्र में ही हड्डियों का दम निकल गया है। जांच में इनकी हड्डियों में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी मिल रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज और आगरा आर्थोपैडिक सोसाइटी की एसएन में हुई कार्यशाला में हड्डी रोग विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जताई।
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एम्स के हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश मल्होत्रा ने कहा कि 30-40 साल के युवाओं की हड्डी रोगों के लिए खराब फिटनेस बड़ी वजह है। 25 फीसदी युवाओं की हड्डियों में कैल्शियम, विटामिन डी की कमी मिली। नई दिल्ली के डॉ. सीएस यादव ने बताया कि ऐसे मरीजों में 80 फीसदी का वजन बढ़ा हुआ और मोटापा मिला। ये भी पता चला कि ये युवा दैनिक कार्याें के अलावा रोजाना औसतन एक किमी भी अतिरिक्त पैदल नहीं चलते हैं। दूध, धूप नहीं लेने और कैल्शियम-प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री का औसत से आधा ही उपयोग करते हैं।
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दिल्ली के डॉ. दीपक जोशी ने बताया कि स्पोर्ट्स इंजरी के मामलों में 80 फीसदी घुटने की चोट के आ रहे हैं। इसमें क्रिकेटर, पहलवान, हॉकी समेत अन्य खिलाड़ी शामिल हैं। नई तकनीक से इनकी सर्जरी कर 5-6 महीने में ही ये खेलने लायक हो रहे हैं।
 
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इससे पहले प्राचार्य डाॅ. प्रशांत गुप्ता, आईआए अध्यक्ष डॉ. अतुल श्रीवास्तव, डॉ. एएस प्रसाद, प्रो. राजेश्वर दयाल, डॉ. रवि सभरवाल, डॉ. अनूप खरे, डॉ. विपुल अग्रवाल, डॉ. बृजेश शर्मा, डॉ. करुण शंकर दिनकर, डॉ. विवेक मित्तल ने उद्घाटन किया।
 

गठिया और हड्डियों के तिरछेपन का खतरा भी बढ़ा

एसएन के हड्डी रोग विभागाध्यक्ष और अध्यक्ष डॉ. अमृत गोयल ने बताया कि इन युवाओं में 1 से -2.5 बीएमडी मिली हैं। इनमें पैदल चलना, व्यायाम करना, साइकिल चलाना समेत अन्य फिजिकल एक्टिवटी सीमित मिलीं। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. सीपी पाल ने बताया कि मोटापे से युवाओं की हड्डियां कमजोर होने के साथ इनमें तिरछापन और गठिया का भी खतरा है। डॉ. रजत कपूर ने कहा कि पैदल चलने, धूप सेंकने और दवाओं से ऐसे मरीजों को दर्द में फायदा भी पहुंचा।

डॉक्टरों ने ये दिए सुझाव

- सुबह रोजाना 30-45 मिनट तक खुले शरीर को धूप लगाएं।
- थोड़ी दूरी के लिए वाहन नहीं पैदल चलने की आदत डालें।
- तली-डिब्बा बंद भोजन से पेट न भरें, प्रोटीन युक्त भोजन करें।
- नियमित एक गिलास दूध जरूर पीएं, पैरों में दिक्कत नहीं तो दौड़ लगाएं।
- वजन नहीं बढ़ने दें, देर से सोने और जागने की आदत में सुधार करें।
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