Janmashtami 2022: जन्मस्थान पर गोविंद नगर द्वार से होगा प्रवेश, मुख्य मार्ग से निकासी, समझें पूरा रूट
जन्मस्थान के ओएसडी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा या दिक्कत होने पर कृष्णजन्म भूमि के कंट्रोल रूम नंबर 9454402664 पर संपर्क कर सकते हैं।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जन्मभूमि पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। समस्या न हो इसके लिए श्रृद्धालुओं के सुगम प्रवेश को दृष्टिगत रखते हुए लाउडस्पीकर के माध्यम से निर्देश दिए जाएंगे। इसके साथ ही सभी संपर्क मार्गों पर जूताघर एवं सामान घर की व्यवस्था की गई है। सभी आवश्यक स्थानों पर पेयजल उपलब्ध रहेगा।
बैरीकेडिंग की व्यवस्था
बैरीकेडिंग इस प्रकार से की जा रही है कि श्रद्धालु कम समय में दर्शन प्राप्त कर सकें। जन्माष्टमी के दिन श्रद्धालुओं का प्रवेश गोविंद नगर द्वार (गेट नंबर 3) से होगा एवं निकास मुख्य द्वार (गेट नंबर-1) से होगा। जन्मस्थान के ओएसडी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा या दिक्कत होने पर कृष्णजन्म भूमि के कंट्रोल रूम नंबर 9454402664 पर संपर्क कर सकते हैं।
ये सामान न लाएं साथ
सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि श्रद्धालु जन्मभूमि के लिए प्रस्थान करते समय अपने आवश्यक सामान मोबाइल फोन, कैमरा, रिमोट की रिंग, थैला, माचिस, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू ,चाकू, ब्लेड आदि अन्य कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान अपने साथ न ले जाएं। इन्हें या तो अपने वाहन में, अपने ठहरने के स्थान पर छोड़ कर आएं अथवा मार्ग में बने सामान घर में जमा कर रसीद/कूपन अवश्य प्राप्त कर लें।
यहां बनाए गए सामान घर
उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान विगत वर्षों की भांति पांच स्थानों पर सामानघर-जूताघर का संचालन करेगा। सामान घर रूपम सिनेमा पार्किंग, गोविंद नगर थाने के सामने (पार्किंग में) गोविंद नगर गली, श्री गोविंदम् (श्रीगर्तेश्वर मंदिर के निकट), पार्क (गर्तेश्वर मंदिर के सामने) बनाए जाएंगे। प्रत्येक सामान घर, जूताघर के साथ आपात कालीन स्थिति में श्रद्धालुओं को प्राथमिक चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी के सहयोग से व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। संस्थान द्वारा परिजनों से बिछड़े लोगों को परिजनों से मिलाने के लिए जन्मस्थान के गेट नंबर 1 के समीप आयुर्वेद-भवन प्रांगण में खोया-पाया केंद्र बनाया जा रहा है।