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जम्मू-कश्मीर के कैदियों पर 'बाज' जैसी रहेगी नजर, बैरकों के बाहर रात-दिन पहरा
Fri, 09 Aug 2019 09:00 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 09 Aug 2019 09:00 AM IST
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जम्मू-कश्मीर के बंदियों को भारी सुरक्षा के बीच जेल ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर से आतंकी और पत्थरबाजों के सेंट्रल जेल में आते ही सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। जेल के अंदर से लेकर बाहर तक सीसीटीवी कैमरे बढ़ा दिए गए हैं। वॉच टॉवरों पर गार्ड की तैनाती कर दी गई है। इन कैदियों की रात दिन निगरानी की जाएगी। बैरकों के बाहर रात दिन के ड्यूटी के लिए पहरेदार लगा दिए गए हैं।
जेल के बाहर पीएसी का कैंप रहता है। इसके अलावा पुलिस भी तैनात की गई है। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद की परिस्थितियों के मद्देनजर इन्हें शिफ्ट किया गया है।
इसकी योजना दो दिन पहले ही तैयार की गई थी। बुधवार को इसे अंतिम रूप दे दिया गया। केंद्र के गृह विभाग ने यूपी के गृह विभाग के संपर्क किया। इसके बाद जेल के अधिकारियों को सूचना दी गई।
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जेल के बाहर पीएसी का कैंप रहता है। इसके अलावा पुलिस भी तैनात की गई है। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद की परिस्थितियों के मद्देनजर इन्हें शिफ्ट किया गया है।
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इसकी योजना दो दिन पहले ही तैयार की गई थी। बुधवार को इसे अंतिम रूप दे दिया गया। केंद्र के गृह विभाग ने यूपी के गृह विभाग के संपर्क किया। इसके बाद जेल के अधिकारियों को सूचना दी गई।
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ट्रैफिक रोका, लोगों को हुई परेशानी
पुलिस ने हलवाई की बगीची से सेंट्रल जेल की ओर जाने वाले रास्ते को आम पब्लिक के लिए रोक दिया। वाहनों को भी नहीं जाने दिया गया। इससे लोगों को परेशानी हुई ।क्षेत्र में रहने वालों को भी घूमकर भेजा गया।
यातायात पुलिस से लेकर स्वॉट तक
जम्मू कश्मीर के बंदियों को आगरा विशेष विमान से लाया गया था। खेरिया हवाई अड्डे पर तीन बड़े वाहन और चार छोटे वाहन बंदियों को लाने के लिए मंगाए गए थे। इसके अलावा कई थानों की पुलिस फोर्स, एक प्लाटून पीएसी, यातायात पुलिस निरीक्षक से लेकर स्वाट के जवान भी थे।
श्रीनगर में जेल से ही नेटवर्क चला रहे थे आतंकी
अनुच्छेद 370 हटते ही सरकार ने जम्मू-कश्मीर की जेलों को भी आतंक मुक्त बनाने पर काम शुरू कर दिया है। सरकार ने एक तरह से जम्मू कश्मीर की जेलों में आतंकियों के सफाए का अभियान चलाया है। सरकार जेलों में आतंकी विरोधी साजिशों को पूरी तरह से समाप्त करना चाहती है।
इस वजह से सरकार ने यह कदम उठाया है। श्रीनगर में आतंकियों के नेटवर्क का खुलासा हुआ था। तब ही यह निर्णय लिया गया था कि आतंकियों को श्रीनगर से बाहर भेजा जाएगा। श्रीनगर सेंट्रल जेल से आतंकी नेटवर्क संचालित कि ए जाने की सूचनाएं आती रही हैं।
पुलिस ने हलवाई की बगीची से सेंट्रल जेल की ओर जाने वाले रास्ते को आम पब्लिक के लिए रोक दिया। वाहनों को भी नहीं जाने दिया गया। इससे लोगों को परेशानी हुई ।क्षेत्र में रहने वालों को भी घूमकर भेजा गया।
यातायात पुलिस से लेकर स्वॉट तक
जम्मू कश्मीर के बंदियों को आगरा विशेष विमान से लाया गया था। खेरिया हवाई अड्डे पर तीन बड़े वाहन और चार छोटे वाहन बंदियों को लाने के लिए मंगाए गए थे। इसके अलावा कई थानों की पुलिस फोर्स, एक प्लाटून पीएसी, यातायात पुलिस निरीक्षक से लेकर स्वाट के जवान भी थे।
श्रीनगर में जेल से ही नेटवर्क चला रहे थे आतंकी
अनुच्छेद 370 हटते ही सरकार ने जम्मू-कश्मीर की जेलों को भी आतंक मुक्त बनाने पर काम शुरू कर दिया है। सरकार ने एक तरह से जम्मू कश्मीर की जेलों में आतंकियों के सफाए का अभियान चलाया है। सरकार जेलों में आतंकी विरोधी साजिशों को पूरी तरह से समाप्त करना चाहती है।
इस वजह से सरकार ने यह कदम उठाया है। श्रीनगर में आतंकियों के नेटवर्क का खुलासा हुआ था। तब ही यह निर्णय लिया गया था कि आतंकियों को श्रीनगर से बाहर भेजा जाएगा। श्रीनगर सेंट्रल जेल से आतंकी नेटवर्क संचालित कि ए जाने की सूचनाएं आती रही हैं।