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लॉकडाउन: आगरा में शब-ए-बरात पर नहीं होंगे जलसे, उलेमाओं की अपील- घरों में करें इबादत
Thu, 02 Apr 2020 03:04 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 02 Apr 2020 03:04 PM IST
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मस्जिद पर सजावट (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार को देखते हुए आगरा में आठ अप्रैल को शब-ए-बरात के मौके पर होने वाले जलसों का आयोजन नहीं होगा। पंचकुइयां कब्रिस्तान में परंपरागत कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।
इस दिन मुस्लिम समाज के लोग अपने बुजुर्गों की कब्रों पर गुलपोशी करके फातिहा पढ़ते हैं और मगफिरत की दुआ मांगते हैं। यहां होने वाले जलसे में देशभर से इस्लामिक विद्वान शिकरत करने पहुंचते हैं।
शाही वक्फ पंचकुइयां कब्रिस्तान कमेटी के सचिव जहीरउद्दीन बाबर ने बताया कि शहर में सबसे बड़ा जलसा पंचकुइयां कब्रिस्तान में आयोजित किया जाता है।
इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले मौलाना तकरीर करते हैं। मुस्लिम समाज के लोग अपने बुजुर्गों की कब्रों की साफ-सफाई करने के बाद शब-ए- बरात पर फातिहा पढ़ते हैं और उनकी मगफिरत की दुआ मांगते हैं।
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इस दिन मुस्लिम समाज के लोग अपने बुजुर्गों की कब्रों पर गुलपोशी करके फातिहा पढ़ते हैं और मगफिरत की दुआ मांगते हैं। यहां होने वाले जलसे में देशभर से इस्लामिक विद्वान शिकरत करने पहुंचते हैं।
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शाही वक्फ पंचकुइयां कब्रिस्तान कमेटी के सचिव जहीरउद्दीन बाबर ने बताया कि शहर में सबसे बड़ा जलसा पंचकुइयां कब्रिस्तान में आयोजित किया जाता है।
इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले मौलाना तकरीर करते हैं। मुस्लिम समाज के लोग अपने बुजुर्गों की कब्रों की साफ-सफाई करने के बाद शब-ए- बरात पर फातिहा पढ़ते हैं और उनकी मगफिरत की दुआ मांगते हैं।
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शबे बरात है इबादत की रात
नायब काजी मौलाना मोहम्मद उजैर आलम ने बताया कि शब-ए- बरात इबादत की रात है। इस दिन अल्लाह-तआला से अपने गुनाहों की माफी मांगी जाती है।
इस रात लोग मस्जिदों के अलावा कब्रिस्तानों में जाकर दुआ करते हैं। इबादत करते हैं। इन दिनों देश में लॉकडाउन चल रहा है तो लोगों को घरों में रहकर ही इबादत करनी चाहिए। एकांत में इबादत करेंगे तो बेहतर रहेगा।
पंचकुइयां कब्रिस्तान कमेटी के मीडिया प्रभारी अदनान कुरैशी का कहना है कि शब-ए- बरात पर मंटोला तिराहा, वजीरपुरा, न्यू आगरा करबला, लोहामंडी बेसन की बस्ती में जलसों का आयोजन किया जाता है।
इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के कारण जलसे नहीं होंगे। ऐसे में लोगों को घरों में रहकर ही इबादत करनी चाहिए।
इस रात लोग मस्जिदों के अलावा कब्रिस्तानों में जाकर दुआ करते हैं। इबादत करते हैं। इन दिनों देश में लॉकडाउन चल रहा है तो लोगों को घरों में रहकर ही इबादत करनी चाहिए। एकांत में इबादत करेंगे तो बेहतर रहेगा।
पंचकुइयां कब्रिस्तान कमेटी के मीडिया प्रभारी अदनान कुरैशी का कहना है कि शब-ए- बरात पर मंटोला तिराहा, वजीरपुरा, न्यू आगरा करबला, लोहामंडी बेसन की बस्ती में जलसों का आयोजन किया जाता है।
इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के कारण जलसे नहीं होंगे। ऐसे में लोगों को घरों में रहकर ही इबादत करनी चाहिए।