मथुरा: अब बिना अंदर गए भी खा सकेंगे जेल की रोटी, पैकिंग की सुविधा भी मिलेगी, जानिए क्या है प्रशासन की योजना
रेस्टोरेंट की व्यवस्था में उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो लंबे समय तक जेल में रहे हों और काम की तलाश कर रहे हों। उन्हें वेटर, व्यवस्थापक, साफ-सफाई आदि का काम योग्यता के आधार पर दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें निर्धारित वेतन भी मिलेगा। जेल प्रशासन उन्हें प्राथमिकता के आधार काम उपलब्ध कराएगा।
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कहा जाता है कि एक बार जेल की रोटी-नमक खाकर हमेशा-हमेशा के लिए जेल जाने का योग खत्म हो जाता है। ऐसा विश्वास करने वालों के लिए खुश खबरी है। वह बिना जेल जाए ही जेल के बंदियों के हाथ की रोटी खा सकते हैं। जेल प्रशासन ने जेल की रोटी का क्रेज देखते हुए जेल के बाहर जेल रेस्टोरेंट खोलने की योजना बनाई है। इसके ब्लूप्रिंट के साथ प्रस्ताव शासन को भेज दिया है ।
जेल के अंदर ही बंदी बनाएंगे खाना
तंत्र-मंत्र और टोना-टोटका करने वालों की मान्यता होती है कि यदि एक बार किसी प्रकार से जेल जाकर जेल की रोटी नमक खा ली जाएं तो वह जेल जाने के योग से बच सकते हैं। इसी के चलते ऐसे लोगों को जेल में यदा कदा किसी कार्यक्रम आदि में जाने का मौका मिलता था, वह जेल की रोटी जरूर खाते थे। जेल की रोटी के इस क्रेज को देखते हुए जेल प्रशासन ने जेल की चार दीवारी से अलग जेल परिसर में रेस्टोरेंट खोलने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसका ब्लू प्रिंट तैयार कर शासन को भेजा गया है। यहां मिलने वाली खानपान की सभी वस्तुओं को जेल के अंदर बंदी ही बनाएंगे। जेल में बने भोजन को जेल परिसर में बने रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहकों को परोसा जाएगा। जहां पर लोग खाना खाएंगे उस हिस्से को बैरिक की तरह से बनाया जाएगा ताकि खाना खाते समय यह अहसास हो सके कि आप जेल की बैरिक में बैठे हैं। इसमें कर्मचारी जेल बंदियों की वर्दी पहनकर भोजन परोसेंगे।
इंटरकॉम सिस्टम भी लागू होगा ः जेल रेस्टोरेंट में भोजन करने वाले व्यक्ति से आर्डर लेने के बाद उसे इंटरकॉम के माध्यम से जेल के अंदर बनी किचन में दिया जाएगा। जेल के अंदर बने भोजन को रेस्टोरेंट में परोसा जाएगा।
रेस्टोरेंट की व्यवस्था में उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो लंबे समय तक जेल में रहे हों और काम की तलाश कर रहे हों। उन्हें वेटर, व्यवस्थापक, साफ-सफाई आदि का काम योग्यता के आधार पर दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें निर्धारित वेतन भी मिलेगा। जेल प्रशासन उन्हें प्राथमिकता के आधार काम उपलब्ध कराएगा।
पैकिंग सुविधा भी
कोई ग्राहक रेस्टोरेंट में बैठकर खाना नहीं खाना चाहेगा तो उसे पैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। ग्राहक जेल में बना खाना पैक कराने के बाद उसे परिवार के साथ बैठकर घर पर खा सकेगा। पैकिंग का कोई अतिरिक्त चार्ज भी ग्राहक से नहीं लिया जाएगा।
जेल परिसर में रेस्टोरेंट खोलने की योजना का ब्लू प्रिंट तैयार कर शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद जेल परिसर में बैरिक के लुक में एक रेस्टोरेंट बनाया जाएगा। रेस्टोरेंट में परोसा जाने वाला भोजन बंदी ही तैयार करेंगे। -बृजेश कुमार सिंह, जेल अधीक्षक मथुरा
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