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किशोरी के अपहरण में सात साल की सजा
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मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र में छह साल पहले किशोरी का अपहरण करने वाले को एफटीसी प्रथम के जज अवनीश गौतम ने सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना भोगांव क्षेत्र के एक गांव निवासी एक किशोरी 20 नवंबर 2014 को गांव के बाहर नलकूप पर गई थी। वहां से गांव का ही कल्यान उसको फुसलाकर ले गया। तलाश के बाद पता नहीं चलने पर किशोरी के पिता ने कल्यान के खिलाफ 23 नवंबर को थाना भोगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम के जज अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, सहित गवाहों ने कल्यान केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर कल्यान को किशोरी का अपहरण करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने उसको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने कल्यान को सात साल की सजा सुनाकर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सजा सुनाए जाने केे बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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किशोरी नहीं हो सकी बरामद
घटना के छह साल बाद भी किशोरी को पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने बताया पुलिस ने कल्यान को तो जेल भेज दिया। लेकिन किशोरी के बार में कल्यान ने पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। इसके चलते कल्यान को किशोरी का अपहरण करने में ही सात साल की सजा सुनाई है।
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थाना भोगांव क्षेत्र के एक गांव निवासी एक किशोरी 20 नवंबर 2014 को गांव के बाहर नलकूप पर गई थी। वहां से गांव का ही कल्यान उसको फुसलाकर ले गया। तलाश के बाद पता नहीं चलने पर किशोरी के पिता ने कल्यान के खिलाफ 23 नवंबर को थाना भोगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम के जज अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, सहित गवाहों ने कल्यान केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर कल्यान को किशोरी का अपहरण करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने उसको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने कल्यान को सात साल की सजा सुनाकर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सजा सुनाए जाने केे बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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किशोरी नहीं हो सकी बरामद
घटना के छह साल बाद भी किशोरी को पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने बताया पुलिस ने कल्यान को तो जेल भेज दिया। लेकिन किशोरी के बार में कल्यान ने पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। इसके चलते कल्यान को किशोरी का अपहरण करने में ही सात साल की सजा सुनाई है।