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जेल में बंदी उकेर रहे दीवारों पर चित्र
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कासगंज जिला जेल में बंदियों द्वारा बनाई गई पेंटिंग
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। जेल की सलाखों के पीछे बंद बंदी रंगों और ब्रश के माध्यम से चित्रकला के हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं। जेल की दीवारों पर तमाम बंदियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित चित्रों को उकेरा है। विचाराधीन बंदी देवेंद्र पुत्र राजपाल निवासी थाना क्षेत्र सहावर आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। वहीं ऐसे बंदी रनवीर पुत्र ननकू, संदीप पुत्र हरप्रसाद लगातार जेल की दीवारों पर चित्र बनाकर अपना हुनर प्रदर्शित कर रहे हैं।
बंदियों के हुनर से अन्य बंदी भी प्रेरित हो रहे हैं। सामाजिक संस्था रायुश के संचालक प्रदीप रघुनंदन लगातार जेल सुधार के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। यह पहल भी उन्होंने शुरू कराई है। उनका मानना है कि बंदियों को रचनात्मक प्रवृति की ओर अग्रसित करने से वे अपराध से मुक्त जीवन की ओर बढ़ते हैं।
उन्होंने बताया कि फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में इन बंदियों के द्वारा बनाई पेंटिंग का आर्ट गैलरी में प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन बंदियों को रचनात्मक सहयोग चित्रकार बृजेश चतुर्वेदी दे रहे हैं।
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- आर्ट गैलरी की स्थापना अपने आप में एक अनुभव एवं रचनात्मक प्रयास है। बंदियों के पेंटिंग के हुनर को निखार कर उन्हें चित्रकार के रूप में मुकाम दिलाया जाएगा और कारागार का वातावरण बनेगा। सकारात्मक ऊर्जा बंदियों को मिलेगी।
आरके सिंह, प्रभारी अधीक्षक, जिला कारागार।
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बंदियों के हुनर से अन्य बंदी भी प्रेरित हो रहे हैं। सामाजिक संस्था रायुश के संचालक प्रदीप रघुनंदन लगातार जेल सुधार के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। यह पहल भी उन्होंने शुरू कराई है। उनका मानना है कि बंदियों को रचनात्मक प्रवृति की ओर अग्रसित करने से वे अपराध से मुक्त जीवन की ओर बढ़ते हैं।
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उन्होंने बताया कि फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में इन बंदियों के द्वारा बनाई पेंटिंग का आर्ट गैलरी में प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन बंदियों को रचनात्मक सहयोग चित्रकार बृजेश चतुर्वेदी दे रहे हैं।
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- आर्ट गैलरी की स्थापना अपने आप में एक अनुभव एवं रचनात्मक प्रयास है। बंदियों के पेंटिंग के हुनर को निखार कर उन्हें चित्रकार के रूप में मुकाम दिलाया जाएगा और कारागार का वातावरण बनेगा। सकारात्मक ऊर्जा बंदियों को मिलेगी।
आरके सिंह, प्रभारी अधीक्षक, जिला कारागार।