{"_id":"643506b11008aa61ea03db55","slug":"jagadguru-rambhadracharya-said-on-divorce-this-practice-is-not-ours-heretics-have-imposed-it-on-us-2023-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra: तलाक पर बोले जगद्गुरु रामभद्राचार्य, ये प्रथा हमारी नहीं, विधर्मियों ने इसे हम पर थोपा है...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra: तलाक पर बोले जगद्गुरु रामभद्राचार्य, ये प्रथा हमारी नहीं, विधर्मियों ने इसे हम पर थोपा है...
Tue, 11 Apr 2023 12:35 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 11 Apr 2023 12:35 PM IST
सार
आगरा में तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य की श्रीराम कथा का आयोजन हो रहा है। इस दौरान आज वे आगरा कॉलेज के गंगाधर शास्त्री भवन में पहुंचे, जहां उन्होंने तलाक को लेकर कहा कि ये प्रथा हमारी नहीं हैं।
विज्ञापन
जगद्गुरु रामभद्राचार्य
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज ने आगरा कॉलेज के गंगाधर शास्त्री भवन में कॉलेज के 200 साल पूरे होने पर आयोजित व्याख्यान में कहा कि जो कच्चे मांस को खाने वाले हैं वह किसी की सुंदरता का वर्णन क्या करेंगे?
तलाक की प्रथा हमारी नहीं है विधर्मियों ने इसे हमारे ऊपर थोप दिया है। पति कभी भी पत्नी का त्याग कर ही नहीं कर सकता है, क्योंकि उसने पत्नी को अग्नि के सामने स्वीकार किया है। भगवान राम ने अहिल्या को अपने चरण कमल से स्पर्श करके गौतम ऋषि से ऐसे जोड़ दिया जैसे कभी अलग हुए ही नहीं थे।
उन्होंने कहा कि जहां विद्या उपकार के लिए दी जाती है, वही असली शिक्षा है। जहां अफजल गुरु देश को तोड़ने का कार्य करता है, वहां शिक्षा का केंद्र नहीं वरन विघटन का केंद्र है। शिक्षा व्यक्ति को समर्थ बनाती है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - UP: 'माफिया अतीक अहमद का रिश्तेदार हूं..., कटवा दूंगा', तांत्रिक ने तीन और व्यापारियों से हड़पी रकम और जेवर
विज्ञापन
तलाक की प्रथा हमारी नहीं है विधर्मियों ने इसे हमारे ऊपर थोप दिया है। पति कभी भी पत्नी का त्याग कर ही नहीं कर सकता है, क्योंकि उसने पत्नी को अग्नि के सामने स्वीकार किया है। भगवान राम ने अहिल्या को अपने चरण कमल से स्पर्श करके गौतम ऋषि से ऐसे जोड़ दिया जैसे कभी अलग हुए ही नहीं थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जहां विद्या उपकार के लिए दी जाती है, वही असली शिक्षा है। जहां अफजल गुरु देश को तोड़ने का कार्य करता है, वहां शिक्षा का केंद्र नहीं वरन विघटन का केंद्र है। शिक्षा व्यक्ति को समर्थ बनाती है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - UP: 'माफिया अतीक अहमद का रिश्तेदार हूं..., कटवा दूंगा', तांत्रिक ने तीन और व्यापारियों से हड़पी रकम और जेवर