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Agra: रेहावली बांध का प्रोजेक्ट तैयार करेगा सिंचाई विभाग, मनरेगा से भी कराए जाएंगे काम
Sat, 24 Feb 2024 09:54 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 24 Feb 2024 09:54 AM IST
सार
उटंगन नदी पर बांध बनाने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। सिंचाई विभाग रेहावली बांध का एस्टीमेट और प्रोजेक्ट तैयार करेगा।
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उटंगन नदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में फतेहाबाद के रेहावली गांव में उटंगन नदी पर बांध बनाने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। सिंचाई विभाग रेहावली बांध का एस्टीमेट और प्रोजेक्ट तैयार करेगा। मनरेगा के जरिए भी कई निर्माण कार्य कराए जाएंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने सिंचाई बंधु की बैठक में इंजीनियरों को सर्वे कर एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए हैं।
सिविल सोसाइटी के राजीव सक्सेना, अनिल शर्मा और असलम सलीमी ने शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष डाॅ. मंजू भदौरिया से मुलाकात की, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष ने अधिशासी अभियंता लोअर यमुना कैनाल से एस्टीमेट और प्रोजेक्ट बनाने के लिए कहा। वहीं सिंचाई विभाग की टीम ने रेहावली गांव जाकर उटंगन नदी में मानसूनकालीन जल विस्तार क्षेत्र का आकलन किया। उटंगन नदी, यमुना और चंबल नदी के बाद सबसे बड़ी नदी है और लगभग 70 किमी बहकर यमुना नदी में मिल जाती है।
रेहावली से अरनौटा तक लबालब रहेगी नदी
मानसून में यमुना नदी जब भी आगरा में लो फ्लड लेवल को पार करती है तो उटंगन नदी बैक मारने लगती है। इसमें अरनौटा रेलवे ब्रिज से भी 2 किमी तक पानी भरपूर रहता है। फतेहाबाद गांव के नगला बिहारी के अपस्ट्रीम (धारा के ऊंचे भाग) में जगनेर की 34 बंधियों, किबाड़ नदी, खारी नदी, पार्वती नदी और टर्मिनल रजवाहा का पानी भी पहुंचता है। उटंगन के यमुना में मिलने के स्थान तक 9 किमी का हिस्सा पानी से लबालब हो सकता है। रेहावली में बांध बनाकर पानी रोकने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा तो इससे बाह, पिनाहट और फतेहाबाद विकासखंड के गांवों में भूजल स्तर में भी सुधार आएगा। यहीं से पाइपलाइन के जरिए पानी फतेहाबाद नगर पंचायत को दिया जा सकता है।
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सिविल सोसाइटी के राजीव सक्सेना, अनिल शर्मा और असलम सलीमी ने शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष डाॅ. मंजू भदौरिया से मुलाकात की, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष ने अधिशासी अभियंता लोअर यमुना कैनाल से एस्टीमेट और प्रोजेक्ट बनाने के लिए कहा। वहीं सिंचाई विभाग की टीम ने रेहावली गांव जाकर उटंगन नदी में मानसूनकालीन जल विस्तार क्षेत्र का आकलन किया। उटंगन नदी, यमुना और चंबल नदी के बाद सबसे बड़ी नदी है और लगभग 70 किमी बहकर यमुना नदी में मिल जाती है।
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रेहावली से अरनौटा तक लबालब रहेगी नदी
मानसून में यमुना नदी जब भी आगरा में लो फ्लड लेवल को पार करती है तो उटंगन नदी बैक मारने लगती है। इसमें अरनौटा रेलवे ब्रिज से भी 2 किमी तक पानी भरपूर रहता है। फतेहाबाद गांव के नगला बिहारी के अपस्ट्रीम (धारा के ऊंचे भाग) में जगनेर की 34 बंधियों, किबाड़ नदी, खारी नदी, पार्वती नदी और टर्मिनल रजवाहा का पानी भी पहुंचता है। उटंगन के यमुना में मिलने के स्थान तक 9 किमी का हिस्सा पानी से लबालब हो सकता है। रेहावली में बांध बनाकर पानी रोकने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा तो इससे बाह, पिनाहट और फतेहाबाद विकासखंड के गांवों में भूजल स्तर में भी सुधार आएगा। यहीं से पाइपलाइन के जरिए पानी फतेहाबाद नगर पंचायत को दिया जा सकता है।
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