{"_id":"8b7d7a3a6cf42f3eea394836d447e980","slug":"irctc-fail-on-e-ticketing-on-taj-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताज पर ई-टिकटिंग का ‘सरताज’ फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताज पर ई-टिकटिंग का ‘सरताज’ फेल
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा।
Updated Wed, 01 Jul 2015 02:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ई-टिकटिंग का ‘सरताज’ इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) ताजमहल पर फेल हो गया। मंगलवार को उसने अपने सेटअप भी हटा लिए। अब बुधवार से ताज के तीनों गेटों समेत ई-टिकटिंग की जिम्मेदारी केनरा बैंक संभालेगा। मंगलवार को एएसआई के डायरेक्टर मान्यूमेंट टीजे एलोने की मौजूदगी ने बैंक की आईटी टीम ने सेटअप लगा दिया है। दिल्ली के हुमांयू मकबरे पर भी बतौर ट्रायल आईआरसीटीसी के पास यही जिम्मेदारी थी। अब वहां भी उसकी जगह केनरा बैंक को आजमाया जा रहा है। विधिवत करार बाद में होगा।
पर्यटकों को बिना लाइन में लगे और कहीं से भी स्मारकों का टिकट मिल जाए, इसके लिए एएसआई ने पिछले साल दिसंबर में ताजमहल और हुमायूं टूम पर ई-टिकटिंग शुरू की थी। आईआरसीटीसी नेट कनेक्टिविटी की समस्याओं से जूझता रहा। ऐसे में टिकट जारी नहीं हो पाते थे। भीड़ होने पर मैनुअल टिकट देना पड़ रहा था। अंतत: इस क्षेत्र का दिग्गज उपक्रम होने के बाद भी आईआरसीटीसी ने हथियार डाल दिए।
एएसआई के टीजे एलोने ने बताया कि केनरा बैंक के पास पूरी तकनीकी टीम है। वह अपडेटेड साफ्टवेयर लाए हैं। इससे नेट कनेक्शन ही नहीं मेन सर्वर से कनेक्टिविटी खत्म होने पर भी टिकट निकाला जा सकेगा। मंगलवार को एलोने पूर्वी और पश्चिमी गेट के टिकट काउंटरों पर घंटों डटे रहे। उनके साथ एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद् भुवन विक्रम सिंह, सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद् आरके सिंह, वरिष्ठ संरक्षण सहायक मुनज्जर अली, रामरतन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
टिकट पर होगा क्वाड़ा कोड
डायरेक्टर मान्यूमेंट ने बताया कि केनरा बैंक के साफ्टवेयर से जारी टिकट पर क्वाड्रा कोड डाला जाएगा। इसको स्कैन करने के बाद ही पर्यटकों को अंदर प्रवेश दिया जाएगा। टिकट स्कैन कापी के साथ कोई प्रवेश पाने की कोशिश करेगा तो पकड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में ताजमहल के प्रवेश द्वारा पर इलेक्ट्रानिक द्वार भी लगाए जाएंगे। यह टिकट स्वाइप करने के बाद ही खुलेंगे।
आईआरसीटीसी ने की तौबा
आईआरसीटीसी के महाप्रबंधक वासु ने बताया कि ताजमहल पर ई-टिकटिंग के संचालन में सर्वर आदि की दिक्कतें आ रही थीं। करीब डेढ़ माह पूर्व एएसआई अधिकारियों को बताते हुए अपनी सेवा बंद करने के संबंध में पत्र भी दे दिया गया था। आईआरसीटीसी की प्राथमिकता उसके दूसरे प्रोजेक्ट हैं, इसलिए उसने ना की।
नेट कनेक्टिविटी ने फिर सताया
केनरा बैंक की टीम को सेटअप लगाने के दौरान नेट कनेक्टिविटी न मिलने से परेशान होना पड़ा। कई अफसरों को फोन के घंटों बाद भी सुधार के लिए बीएसएनएल कर्मचारी नहीं पहुंचे। हालांकि बाद में आए बीएसएनएल कर्मियों ने कनेक्टिविटी ठीक कराई और पूरे सेटअप का परीक्षण किया गया।
अलग ही है पहचान
आईआरसीटीसी अपनी सेवाओं से अलग पहचान बना चुका है। इंटरनेट रेल टिकट आरक्षण का जिम्मा इसी के पास है। यही नहीं फटाफट रेल टिकट के लिए ई-वॉलेट सेवा भी शुरू की है। यह रोजाना 1.30 लाख ट्रेन यात्रियों को आतिथ्य एवं खानपान सेवाएं उपलब्ध कराता है। पर्यटन के लिए ट्रेन, चार्टर, कोचों और बर्थों के आरक्षण की व्यवस्था भी करता है। रेलवे का यही उपक्रम फूड प्लाजा और 139 काल सेंटर का संचालन भी करता है।
पर्यटन मंत्रालय ने सौंपी जिम्मेदारी
केनरा बैंक को ई-टिकटिंग की जिम्मेदारी पर्यटन मंत्रालय से दी गई है। बैंक ने ई-टिकटिंग के सुचारु संचालन का दावा किया है। बैंक की तकनीकी टीम भी दिल्ली से ही आई है। केनरा बैंक पहली बार इस तरह की भूमिका में दिखेगा। बैंक के स्थानीय अधिकारियों को भी इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
पर्यटकों को बिना लाइन में लगे और कहीं से भी स्मारकों का टिकट मिल जाए, इसके लिए एएसआई ने पिछले साल दिसंबर में ताजमहल और हुमायूं टूम पर ई-टिकटिंग शुरू की थी। आईआरसीटीसी नेट कनेक्टिविटी की समस्याओं से जूझता रहा। ऐसे में टिकट जारी नहीं हो पाते थे। भीड़ होने पर मैनुअल टिकट देना पड़ रहा था। अंतत: इस क्षेत्र का दिग्गज उपक्रम होने के बाद भी आईआरसीटीसी ने हथियार डाल दिए।
विज्ञापन
एएसआई के टीजे एलोने ने बताया कि केनरा बैंक के पास पूरी तकनीकी टीम है। वह अपडेटेड साफ्टवेयर लाए हैं। इससे नेट कनेक्शन ही नहीं मेन सर्वर से कनेक्टिविटी खत्म होने पर भी टिकट निकाला जा सकेगा। मंगलवार को एलोने पूर्वी और पश्चिमी गेट के टिकट काउंटरों पर घंटों डटे रहे। उनके साथ एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद् भुवन विक्रम सिंह, सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद् आरके सिंह, वरिष्ठ संरक्षण सहायक मुनज्जर अली, रामरतन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
टिकट पर होगा क्वाड़ा कोड
डायरेक्टर मान्यूमेंट ने बताया कि केनरा बैंक के साफ्टवेयर से जारी टिकट पर क्वाड्रा कोड डाला जाएगा। इसको स्कैन करने के बाद ही पर्यटकों को अंदर प्रवेश दिया जाएगा। टिकट स्कैन कापी के साथ कोई प्रवेश पाने की कोशिश करेगा तो पकड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में ताजमहल के प्रवेश द्वारा पर इलेक्ट्रानिक द्वार भी लगाए जाएंगे। यह टिकट स्वाइप करने के बाद ही खुलेंगे।
आईआरसीटीसी ने की तौबा
आईआरसीटीसी के महाप्रबंधक वासु ने बताया कि ताजमहल पर ई-टिकटिंग के संचालन में सर्वर आदि की दिक्कतें आ रही थीं। करीब डेढ़ माह पूर्व एएसआई अधिकारियों को बताते हुए अपनी सेवा बंद करने के संबंध में पत्र भी दे दिया गया था। आईआरसीटीसी की प्राथमिकता उसके दूसरे प्रोजेक्ट हैं, इसलिए उसने ना की।
नेट कनेक्टिविटी ने फिर सताया
केनरा बैंक की टीम को सेटअप लगाने के दौरान नेट कनेक्टिविटी न मिलने से परेशान होना पड़ा। कई अफसरों को फोन के घंटों बाद भी सुधार के लिए बीएसएनएल कर्मचारी नहीं पहुंचे। हालांकि बाद में आए बीएसएनएल कर्मियों ने कनेक्टिविटी ठीक कराई और पूरे सेटअप का परीक्षण किया गया।
अलग ही है पहचान
आईआरसीटीसी अपनी सेवाओं से अलग पहचान बना चुका है। इंटरनेट रेल टिकट आरक्षण का जिम्मा इसी के पास है। यही नहीं फटाफट रेल टिकट के लिए ई-वॉलेट सेवा भी शुरू की है। यह रोजाना 1.30 लाख ट्रेन यात्रियों को आतिथ्य एवं खानपान सेवाएं उपलब्ध कराता है। पर्यटन के लिए ट्रेन, चार्टर, कोचों और बर्थों के आरक्षण की व्यवस्था भी करता है। रेलवे का यही उपक्रम फूड प्लाजा और 139 काल सेंटर का संचालन भी करता है।
पर्यटन मंत्रालय ने सौंपी जिम्मेदारी
केनरा बैंक को ई-टिकटिंग की जिम्मेदारी पर्यटन मंत्रालय से दी गई है। बैंक ने ई-टिकटिंग के सुचारु संचालन का दावा किया है। बैंक की तकनीकी टीम भी दिल्ली से ही आई है। केनरा बैंक पहली बार इस तरह की भूमिका में दिखेगा। बैंक के स्थानीय अधिकारियों को भी इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं है।