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UP: यूपी के नए स्थायी DGP बने राजीव कृष्ण, उनके बारे में स्पष्ट रूप से जान लें ये बातें; पुलिस को बनाया हाईटेक
Sun, 31 May 2026 05:29 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sun, 31 May 2026 05:29 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के नए स्थायी डीजीपी के रूप में आईपीएस राजीव कृष्ण जिम्मेदारी संभालेंगे। आगरा जोन के एडीजी रहते हुए उन्होंने ऑपरेशन पहचान ऐप और तकनीक आधारित पुलिसिंग से अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की थी।
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डीजीपी राजीव कृष्ण
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
उत्तर प्रदेश के नए स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आईपीएस राजीव कृष्ण होंगे। उन्होंने आगरा जोन के एडीजी पद पर रहते हुए तकनीकी और जागरूकता से अपराध व अपराधियों पर शिकंजा कसा था। ऑपरेशन पहचान एप से पुलिस को हाईटेक बनाया। साइबर अपराध रोकने के लिए पुलिस को तैयार भी किया।
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फरवरी 2021 में आईपीएस राजीव कृष्ण आगरा जोन के एडीजी थे। उन्होंने अपने कार्यालय में तैनात सिपाही मोहित कुमार की मदद से ऑपरेशन पहचान एप बनवाया। सिपाही एमसीए किए है। जो एप बना वह अब भी पुलिस के लिए मददगार है। एप के माध्यम से अपराधियों का सत्यापन कराया गया था।
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पुलिसकर्मियों की आईडी बनाई गई थीं। अपराध में शामिल आरोपी क्या कर रहे हैं? कहां रह रहे हैं? किसी नए अपराध में शामिल तो नहीं हुए? घर में काैन काैन लोग हैं? रिश्तेदार काैन और कहां के रहने वाले हैं? अपराधी और परिजन की फोटो तक अपलोड कर रिकाॅर्ड बनाया जाने लगा।
पहचान एप में यह सब अपलोड होते ही पुलिस को एक क्लिक पर पूरी जानकारी मिल जाती है। इसे संबंधित अधिकारी भी सत्यापित करते हैं। मालखाने भी इसी एप के माध्यम से हाईटेक हो गए। इसमें जोन के थानों के माल मुकदमाती को एप में दर्ज किया गया। इसका फायदा यह हुआ कि केस से संबंधित माल की जानकारी कुछ ही सेकंड में उपलब्ध हो जाती है। यह एप जोन के लिए पुलिसकर्मियों का मददगार बना हुआ है। आगरा में हुई पहल को मुरादाबाद रेंज और फतेहपुर में लागू किया गया था।
मिशन शक्ति और एंटी रोमियो दस्ता की निगरानी में कारगर
आपरेशन पहचान एप के माध्यम से मिशन शक्ति अभियान भी चलाया गया। महिला पुलिसकर्मी अलग-अलग क्षेत्र में जाकर महिलाओं को जागरूक करती थीं। एप से उनकी लोकेशन आ जाती है। इससे सत्यापन कार्य भी पारदर्शिता के साथ होने लगा। एंटी रोमियो स्क्वायड की कार्यशैली, गुमशुदा और बरामद लोगों की जानकारी भी इसी एप पर दर्ज की जाती है।
आपरेशन पहचान एप के माध्यम से मिशन शक्ति अभियान भी चलाया गया। महिला पुलिसकर्मी अलग-अलग क्षेत्र में जाकर महिलाओं को जागरूक करती थीं। एप से उनकी लोकेशन आ जाती है। इससे सत्यापन कार्य भी पारदर्शिता के साथ होने लगा। एंटी रोमियो स्क्वायड की कार्यशैली, गुमशुदा और बरामद लोगों की जानकारी भी इसी एप पर दर्ज की जाती है।
गांव-गांव जनता को किया जागरूक
आईपीएस राजीव कृष्ण ने आगरा जोन में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सबसे पहले अपनी पुलिस को ही तैयार किया। पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध की शिकायत मिलने पर की जाने वाली कार्रवाई के बारे में प्रशिक्षण दिलाया। एक्सपर्ट के माध्यम से ऑनलाइन कार्यशालाएं आयोजित कीं। जनता को भी जागरूक किया, जिससे वह साइबर अपराध का शिकार होने से बच जाएं।
आईपीएस राजीव कृष्ण ने आगरा जोन में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सबसे पहले अपनी पुलिस को ही तैयार किया। पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध की शिकायत मिलने पर की जाने वाली कार्रवाई के बारे में प्रशिक्षण दिलाया। एक्सपर्ट के माध्यम से ऑनलाइन कार्यशालाएं आयोजित कीं। जनता को भी जागरूक किया, जिससे वह साइबर अपराध का शिकार होने से बच जाएं।