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बदल गया सट्टा लगाने का तरीका: APK एप से लगाई जा रही थी बाजी, तरीका सुनकर पुलिस भी हैरान; पांच गिरफ्तार

Tue, 05 May 2026 08:54 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Tue, 05 May 2026 08:54 AM IST
सार

आगरा के एक होटल में आईपीएल सट्टे का बड़ा नेटवर्क चल रहा था, जहां पुलिस ने छापा मारकर पांच सटोरियों को गिरफ्तार किया। मोबाइल ऐप के जरिए चल रहे इस खेल में कई बड़े नामों की संलिप्तता भी सामने आई है।

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IPL Betting Racket Busted in Agra Hotel five Bookies Arrested
सट्टा लगाते हुए गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित होटल हावर्ड पार्क प्लाजा के कमरा नंबर 318 में रविवार रात आईपीएल मैच पर सट्टा लगाया जा रहा था। सूचना पर ताजगंज पुलिस ने छापा मारकर सट्टे की बुक पकड़ ली। चार सटोरिए होटल से और एक को उसके घर के पास पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि सटोरियों को रकम ब्याज पर शाहगंज के शैल कुंद्रा हत्याकांड के आरोपी रहे अन्नी पंडित और राधे मल्होत्रा दिया करते थे। उनकी हिस्सेदारी रहती थी। पुलिस ने 8 लोगों के नाम प्राथमिकी में खोले हैं।
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एसीपी ताज सुरक्षा मयंक तिवारी के मुताबिक, सूचना मिली थी कि आईपीएल में सट्टा लगाने के लिए होटल में कमरा लिया गया है। एप से पूरा खेल चल रहा है। छापे में होटल के कमरे से नॉर्थ ईदगाह काॅलोनी निवासी सुनील धाकड़, नगला अजीता निवासी अनिल खेम्यानी, शास्त्रीपुरम निवासी मनीष मयानी उर्फ सब्जी और शंकरपुरी, केदार नगर निवासी राहुल मुद्गल को गिरफ्तार किया गया। राहुल मुद्गल से पूछताछ के बाद गोविंद नगर निवासी पियूष शर्मा को गिरफ्तार किया गया। दोनों के बीच लेन-देन के साक्ष्य मिले थे।
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आरोपियों ने बताया कि पियूष शर्मा, राजू वर्मा ओर राधे मल्होत्रा सट्टा खिलाने के लिए रकम देने और जीत पर लेने का काम करते हैं। जीत की रकम को आपस में हिस्से के रूप में बांट लेते हैं। आरोपियों से 43,920 रुपये, एक ब्रीजा कार, एक बाइक, 10 मोबाइल, चार डेबिट कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, एक लैपटाॅप, दो नीले रंग के पेन, दो स्पाइरल बाइंडिंग बुक 11 लाइनदार पेज आदि बरामद किए गए। आरोपियों को सोमवार दोपहर को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिए गए।
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 एपीके फाइल में लेते हैं मोबाइल एप
एसीपी ने बताया कि पूरा खेल मोबाइल एप से चल रहा है। आरोपी एपीके फाइल की मदद से एप को इंस्टाॅल करते हैं। लाइव मैच और टीवी पर प्रसारित मैच में कुछ मिनट का अंतर होता है। इसका फायदा सटोरिए उठाते हैं। हर मैच, ओवर, खिलाड़ी, रन पर सट्टा लगाया जाता है। आरोपियों के फोन पर काॅल आ रहे थे। एक रजिस्टर में किसने-कितना पैसा और किस टीम पर लगाया, यह सब नोट किया जाता था। अगले दिन जीतने वालों को रकम दी जाती थी।

हारने वालों से रकम की वसूली की जाती थी। जो लोग ब्याज पर रकम देते थे, उनको भी पैसा लाैटाया जाता था। उनके साथी सोरों कटरा निवासी अनिल कुमार शर्मा उर्फ अन्नी पंडित, बोदला निवासी संजय कालिया, राजीव चोपड़ा, टोनी सिंधी, बोनी वकील, शाहगंज निवासी भारत पेशवानी, राजू वर्मा और राधे मल्होत्रा हैं। बाकी आरोपी भाग गए हैं।

सुनील पर वर्ष 2019 में थाना जगदीशपुरा में बहला फुसलाकर अपहरण, गाली-गलाैज, जान से मारने की धमकी और आपराधिक साजिश की धारा में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वहीं राहुल मुद्गल उर्फ लाला पर वर्ष 2021 में थाना शाहगंज में अमानत में खयानत की धारा में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
 

होटलों में बना रहे थे ठिकाना
सटोरिए होटलों में छिपकर काम कर रहे हैं। चर्चा है कि कई तो आगरा से बाहर धार्मिक स्थलों वाले जिलों में होटलों में कमरा लेते हैं। इसके बाद सट्टा लगाया जाता है। दिल्ली में बैठे सटोरियों से रकम का आदान-प्रदान भी किया जाता है। मगर कई दिन से पुलिस की सख्त कार्रवाई न होने से सटोरिए आगरा में ही सक्रिय थे।
 

शैल कुंद्रा हत्याकांड में आए थे अन्नी और राधे के नाम
शाहगंज बाजार में 13 दिसंबर, 2009 को दो शूटरों ने सराफ की दुकान में घुसकर कपड़ा कारोबारी शैल कुंद्रा की हत्या की थी। ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई थीं। हालांकि शैल कुंद्रा ने भी बचाव में फायरिंग की थी। घटना का वीडियो भी सामने आया था। पुलिस ने ओपी गैंग पर पूरी घटना का खुलासा किया। शैल कुंद्रा पर रामकिशन की हत्या का आरोप था। इसी रंजिश में हत्याकांड को अंजाम दिलाया गया। पुलिस का कहना था कि रामकिशन के भाई राधे मल्होत्रा ने हत्याकांड कराया। पुलिस ने अन्नी पंडित उर्फ अनिल शर्मा को पकड़ा था। हालांकि आरोपी बरी हो गए थे।

फिर सक्रिय हुआ संजय कालिया
पुलिस ने सट्टे के मामले में संजय कालिया का नाम भी खोला है। वह घर से भाग गया है, मोबाइल भी बंद है। पूर्व में संजय कालिया का नाम कई बार आ चुका है। वह पकड़ा भी गया था। जेल से बाहर आने के बाद वो हर बार सक्रिय हो जाता है। पुलिस का कहना है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

अधिवक्ताओं ने पुलिस से की अभद्रता
आईपीएल पर सट्टा लगवाने के आरोपियों को लेकर जब पुलिसकर्मी न्यायालय पहुंचे तो वहां अधिवक्ताओं ने पुलिस को देख अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पुलिस आरोपियों को पीछे की तरफ से ले जाना चाह रही थी। अधिवक्ताओं के विरोध पर सामने से लेकर गई। इस दौरान वीडियो बनाने पर एक युवक को अधिवक्ताओं ने पीट दिया। मामले में एक अधिवक्ता को भी नामजद किया गया है। इस बात से अधिवक्ता नाराज थे। उनका कहना था कि आरोपियों के बयान के आधार पर किसी को बिना जांच नामजद करना गलत है।
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