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इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूर होगी हर बाधा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Oct 2016 11:45 PM IST
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इंटरनेशनल एयरपोर्ट की राह के रोड़े जल्द दूर होंगे। यह आश्वासन कमिश्नर चंद्रकांत ने एयरपोर्ट अथॉरिटी सलाहकार समिति के सदस्यों को दिया है। इससे पहले समिति के चेयरमैन व सांसद डा. रामशंकर कठेरिया ने खेरिया हवाई अड्डे पर सिविल टर्मिनल के लिए राज्य सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण किए जाने में हो रही देरी पर सवाल खड़े किए थे।
मंगलवार को आयुक्त कार्यालय पर कमिश्नर के साथ एयरपोर्ट अथॉरिटी सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें कठेरिया ने कहा कि भारत सरकार आगरा के हवाई अड्डे को जल्दी अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिए जाने पर गंभीर है। उन्होंने कहा कि इसके लिए 55 एकड़ जमीन जो अधिग्रहीत होनी है, उसमें से 40 प्रतिशत भूमि अभी भी शेष है। इसके लिए राज्य सरकार को 65 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। बजट के अभाव में अधिग्रहण की प्रक्रिया रुकी हुई है। कठेरिया ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव की अधिसूचना कभी भी लागू हो सकती है, ऐसे में सिविल टर्मिनल के लिए जल्द कार्य शुरू करा देने चाहिए। इस पर कमिश्नर ने समिति को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता कर इसमें जितनी भी अड़चनें हैं, उन्हें दूर कराने के प्रयास करेंगे। बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी के डायरेक्टर प्रभाकर मिश्र, समिति के सदस्य पूरन डावर, नवीन जैन, राकेश गर्ग, प्रहलाद अग्रवाल, राजीव तिवारी, राजकुमार चाहर व सतीश इंजीनियार मौजूद थे।
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मंगलवार को आयुक्त कार्यालय पर कमिश्नर के साथ एयरपोर्ट अथॉरिटी सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें कठेरिया ने कहा कि भारत सरकार आगरा के हवाई अड्डे को जल्दी अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिए जाने पर गंभीर है। उन्होंने कहा कि इसके लिए 55 एकड़ जमीन जो अधिग्रहीत होनी है, उसमें से 40 प्रतिशत भूमि अभी भी शेष है। इसके लिए राज्य सरकार को 65 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। बजट के अभाव में अधिग्रहण की प्रक्रिया रुकी हुई है। कठेरिया ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव की अधिसूचना कभी भी लागू हो सकती है, ऐसे में सिविल टर्मिनल के लिए जल्द कार्य शुरू करा देने चाहिए। इस पर कमिश्नर ने समिति को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता कर इसमें जितनी भी अड़चनें हैं, उन्हें दूर कराने के प्रयास करेंगे। बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी के डायरेक्टर प्रभाकर मिश्र, समिति के सदस्य पूरन डावर, नवीन जैन, राकेश गर्ग, प्रहलाद अग्रवाल, राजीव तिवारी, राजकुमार चाहर व सतीश इंजीनियार मौजूद थे।
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