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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे: फाइल चोरी की जांच शुरू

Thu, 08 Jun 2017 08:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा Updated Thu, 08 Jun 2017 08:28 PM IST
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inquiry begins for document lost of agra-lucknow expressway
आगरा लखनऊ एकसप्रेस वे
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की जमीन से जुड़ी फाइलें चोरी होने का मामला तूल पकड़ गया है। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद उपजिलाधिकारी सदर रजनीश मिश्रा ने पूरे मामले की जांच को तहसीलदार सदर रजनीकांत के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। 
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15 दिन में इस कमेटी को अपनी जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपनी होगी। इधर, पुलिस ने भी चोरी के इस मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
बता दें कि एत्मादपुर मदरा के लेखपाल नारायण दास ने बुधवार को थाना सिकंदरा में बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस बाइक के बैग में मदरा से जुड़ी जमीनों के खसरा और खतौनी भी थे। इसमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ी जमीनों के कागजात थे। 
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मामले के खुलासा हुआ तो गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। चोरी गई फाइलों से संबंधित पुराने रिकॉर्ड तहसील सदर में तलाशने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही एसडीएम सदर ने तहसीलदार रजनीकांत के नेतृत्व में कानूनगो कुंडौल आरएन भदौरिया और श्यामो के लेखपाल विनोद कुमार को जांच सौंपी है। 
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यह कमेटी लेखपाल नारायण दास के बयानों और एक्सप्रेसवे से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल करेगी। वहीं, थाना सिकंदरा पुलिस ने बाइक और कागजात चोरी की जांच शुरू कर दी है। लेखपाल के बयान के आधार पर घटनास्थल का मुआयना किया। एएसपी श्लोक कुमार का कहना है कि लेखपाल ने कारगिल पेट्रोल पंप के सामने से बाइक चोरी की बात कही थी, यहां जांच कराई गई लेकिन कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लग सका। 

यहां आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था, जिससे कि पूरे घटनाक्रम को उजागर किया जा सके। हालांकि पुलिस के कई बड़े अधिकारी घटना को संदिग्ध मान रहे हैं। ऐसे में पुुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर अपनी जांच कर रही है। नारायण दास का बयान दर्ज कर लिया गया है। 

गौरतलब है कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे सपा सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इस योजना को समय पर पूरा करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने तमाम नियमों को ताक पर रख दिया था। जमीन अधिग्रहण में भी खूब खेल हुए। शिकायतों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर इस योजना के तहत जमीन अधिग्रहण और निर्माण गुणवत्ता की जांच चल रही है। 


आगरा में भी तय रेट से अधिक दर पर मुआवजा देने के आरोप लगे। इन्हीं सबके चलते एक्सप्रेसवे से जुड़ी फाइलें चोरी होने का मामला काफी संवेदनशील हो गया है। यही वजह है कि मामला उजागर होने के तुरंत बाद अधिकारी हरकत में आ गए। आगरा में 371.76 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया था।  एसडीएम सदर रजनीश मिश्रा ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।
 
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