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मैनपुरी: जिला अस्पताल में 18 घंटे दर्द से तड़पता रहा घायल, चिकित्सकों ने नहीं किया भर्ती

Sat, 12 Dec 2020 12:15 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 12 Dec 2020 12:15 AM IST
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Injured young man did not get treatment in district hospital mainpuri
जमीन पर लेटा घायल युवक - फोटो : अमर उजाला

सड़क हादसे में घायल युवक मैनपुरी के जिला अस्पताल में 18 घंटे तक दर्द से तड़पता रहा, लेकिन उसे इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों ने भर्ती नहीं किया। शुक्रवार को मामला मीडिया में आया तो आनन फानन उसे भर्ती करके इलाज दिया गया। चिकित्सकों के रवैये से घायल के परिजनों में नाराजगी है। 

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थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव रतनपुर बरा निवासी हरिश्चंद्र का 18 वर्षीय पुत्र अंकित गुरुवार की शाम गांव के पास ही हादसे में घायल हो गया था। परिजन उसे लेकर शाम छह बजे ही जिला अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसे एक इंजेक्शन लगाने के बाद घर जाने के लिए कह दिया। 
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अंकित ने सीने में दर्द होने की शिकायत की, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया गया। युवक की खराब हालत को देखते हुए परिजन भी उसे घर नहीं लाए। घायल के भाई शिवम ने बताया कि रातभर अंकित इमरजेंसी के बरामदे में दर्द से तड़पता रहा, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया गया। 

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घायल का भाई लगाता रहा गुहार

शिवम ने कई बार इमरजेंसी में तैनात स्टॉफ से उसका इलाज करने और उसे भर्ती करने का अनुरोध किया। हर बार डॉक्टर ने यही कहा कि उसे मामूली चोट लगी है, घर ले जाओ। शुक्रवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दोपहर 12 बजे तक परिजन उसे लिटाए रहे। 

शुक्रवार को निजी चिकित्सकों की हड़ताल के चलते उसे निजी अस्पताल में भी इलाज नहीं मिला। सिर्फ उसका एक्सरे ही हो सका। दोपहर को मीडिया ने जब मामला उठाया, तब जाकर घायल युवक को अस्पताल में भर्ती किया गया। 

पहले भी सामने आए हैं इस तरह के मामले 

जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। बीते वर्ष 21 नवंबर को इसी तरह युवक इमरजेंसी के बाहर दर्द से तड़पता रहा, लेकिन उसे इलाज नहीं दिया गया। महिला अस्पताल में प्रसूता को भर्ती नहीं किया गया। इससे उसका प्रसव अस्पताल के बाहर ही हो गया। 

सीएमएम डॉ. आरके सागर ने बताया कि गंभीर रूप से घायल युवक के साथी को भर्ती कर लिया गया था। युवक को मामूली चोट थी, प्राथमिक उपचार के बाद घर ले जाने को कहा था। परिजन उसे घर नहीं ले गए। इसके बाद जानकारी मिलने के बाद उसे भर्ती कराने के आदेश दिए गए हैं।

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