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तीन घंटे तक तड़पती रही घायल महिला, स्टाफ बोला- पहले मजरूमी चिट्ठी लाओ, तब करेंगे इलाज

Mon, 10 Dec 2018 08:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Mon, 10 Dec 2018 08:28 PM IST
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injured woman not getting treatment in district hospital agra
जिला अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला
आगरा के सिकंदरा में ऑटो पलटने से घायल हुई महिला का एसएन इमरजेंसी में इलाज नहीं किया गया। उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी इलाज शुरू नहीं किया गया। कहा गया कि पहले मजरूमी चिट्ठी लाओ तब इलाज करेंगे। तीन घंटे बाद थाने से लिखवाकर लाने पर ही उपचार किया गया। इस बीच घायल महिला इलाज के अभाव में तड़पती रही।
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हादसा रविवार की शाम को हुआ था। नरीपुरी के बारह बीघा बरवाली गली निवासी भूरा खान पत्नी रेशमा, नौ महीने के बेटे इलियास और भाभी के साथ सिकंदरा क्षेत्र में स्थित अपनी ससुराल से ऑटो में लौट रहा था। सिकंदरा सब्जी मंडी के सामने आटो के सामने लोडिंग टेंपो आ गया। इससे बचने के दौरान आटो पलट गया। हादसे में रेशमा और इलियास गंभीर रूप से घायल हो गए।
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आसपास के लोग रेशमा और इलियास को सिकंदरा चौराहा स्थित एक अस्पताल में ले गए, जहां इलियास को मृत घोषित कर दिया गया। रेशमा के सिर में चोट लगी थी। गंभीर हालत होने पर रात तकरीबन 11 बजे डॉक्टर ने उसे एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर रात 12 बजे इमरजेंसी पहुंचे।
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थाने के कागजात मांगे

भूरा के साथ इमरजेंसी पहुंचे शाहरुख ने बताया कि इमरजेंसी में कंपाउंडर मौजूद था। लेकिन उसने काफी देर बाद जाकर उनकी बात सुनी। इसके बाद चिकित्सक आए और थाने के कागजात मांगे। कागजात नहीं होने की बात कहने पर इलाज नहीं किया। जिला अस्पताल ले जाने के लिए बोल दिया। 

वे जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पर भी कर्मचारियों ने मजरूमी चिट्ठी मांगी। बहुत गुहार लगाई लेकिन कर्मचारियों ने मजरूमी चिट्ठी लाने पर ही इलाज करने शुरू करने की बात कही। इस पर शाहरुख थाने गए। थाने से एक पर्ची पर लिखकर दी गई। तब कहीं रात तीन बजे के बाद रेशमा का उपचार शुरू हो सका। 

हादसे में घायलों के लिए नहीं दी जाती मजरूमी चिट्ठी

पुलिस के मुताबिक, मजरूमी चिट्ठी जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए दी जाती है। मेडिकल किसी मारपीट में घायल व्यक्ति और केस के आरोपी का कराया जाता है। हादसे में घायल के उपचार के लिए मजरूमी चिट्ठी की जरूरत नहीं होती है। घायल को बिना किसी पूछताछ के भर्ती कर लिया जाना चाहिए। पहले इलाज को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। बाद में पूछताछ होनी चाहिए।

बेटे की मौत से परिवार में मचा कोहराम

हादसे में भूरा के नौ महीने के बेटे इलियास की मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने इलियास का पोस्टमार्टम नहीं कराया। इंस्पेक्टर थाना सिकंदरा ने बताया कि शव का पंचायतनामा भरकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था।
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