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Firozabad: सांड़ के हमले से घायल फल विक्रेता की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने लाठी डंड़े से पीटकर ली गोवंश की जान

Mon, 19 Sep 2022 10:27 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 19 Sep 2022 10:27 PM IST
सार

फिरोजाबाद के नारखी  में रविवार रात घर के बाहर सो रहे फल विक्रेता को सांड़ ने पटक कर मार डाला। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने सांड़ की लाठी-डंडे से पीट कर जान ले ली।

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Injured fruit seller died due to bull attack  angry villagers beat with sticks and killed
जिला अस्पताल पहुंचे फल विक्रेता के परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फिरोजाबाद के नारखी में रविवार रात घर के बाहर सो रहे फल विक्रेता को सांड़ ने पटक कर मार डाला। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने सांड़ की लाठी-डंडे से पीट कर जान ले ली। नारखी थाना क्षेत्र के गांव मुईनुद्दीनपुर निवासी फल विक्रेता भगवान सिंह (55) रविवार रात घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। तभी सांड़ वहां पर पहुंचा, उन्होंने सांड़ को भगाने का प्रयास किया तो सांड़ ने उन पर हमला कर दिया। भगवान सिंह की चीख सुनकर परिजन के साथ ग्रामीण भी जाग गए। ग्रामीणों ने सांड़ को भगाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं भागा तो उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। ग्रामीण तब तक सांड़ को पीटते रहे जब तक वह नहीं मर गया।

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वहीं भगवान सिंह ने भी दम तोड़ दिया। परिजन ने बताया कि भगवान सिंह के नाम जमीन नहीं है और उस पर छह बेटियां हैं। वह फल की ठेल लगाकर परिवार का भरण पोषण करता था। थानाध्यक्ष नारखी प्रदीप कुमार पांडेय का कहना है कि ग्रामीण के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया है। 

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पहले भी जान ले चुके हैं आवारा सांड़

जिले में सड़क पर घूम रहे सांड़ और गोवंश खूनी होते जा रहे हैं लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। फसलों को भी यह नुकसान पहुंचा रहें हैं। कई बार गोवंश को ग्रामीणों ने अस्पताल व सरकारी भवनों में बंद भी कर दिया है इसके बाद भी समस्या को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है।

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15 फरवरी को हुई थी पिता-पुत्र की मौत 

रामगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मैलई निवासी किशन व उसके बेटे की मौत गोवंश के कारण 15 फरवरी को हो गई थी। पिता पुत्र की मौत के बाद जहां परिजनों में कोहराम मच गया था। वहीं 20 फरवरी को नारखी थाना क्षेत्र के गांव भौड़ेला निवासी महिला की मौत गोवंश के हमले से हुई थी। 24 फरवरी को रुपसपुर के समीप छह गोवंश की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई थी। गनीमत रही कि इनके शव रेलवे ट्रेक पर नहीं थे। अन्यथा दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग बाधित होने का खतरा बन सकता था। सूचना पर रेलवे अफसर भी मौके पर पहुंचे थे।

गोवंश की वजह से हुआ था दर्दनाक हादसा 

13 मार्च को सिरसागंज थाना क्षेत्र के गुंजन चौराहा पर बाइक सवार तीन लोग गोवंश से टकरा गए थे। तीनों लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। तीनों लोग मजदूरी कर बाइक द्वारा रामगढ़ स्थित अपने घर लौट रहे थे। नौ अप्रैल को जलेसर रोड स्थित उत्तर थाने के समीप दक्षिण थाने में तैनात सिपाही पर गोवंश ने जानलेवा हमला किया था। सिपाही की हालत गंभीर होने पर पुलिसकर्मी उसको उपचार को आगरा ले गए थे। यहां एक माह तक उसका उपचार चलता रहा। चार अप्रैल को ममता डिग्री कॉलेज के सामने गोवंश की टक्कर से ऑटो सवार वृद्घ की मौत भी हो चुकी थी। इसके बाद भी गोवंशों को पकड़वाने की सुध जिले के अफसर लेते दिखाई नहीं दे रहे।

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