भीषण गर्मी में महंगाई का तड़का, रसोई का बजट बिगड़ा, इतने बढ़ गए दालों के दाम
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भीषण गर्मी में महंगाई का तड़का लग रहा है। दालों के साथ मिर्च, धनिया व चीनी जहां महंगी हो गई, वहीं रसोई गैस के सिलिंडर की कीमत 25 रुपये तक बढ़ गई है। न डीजल की कीमतें बढ़ीं और न कोई नया टैक्स लगा, फिर दाल के साथ मिर्च व धनिया की कीमतें अचानक कैसे बढ़ गई। यह सवाल लोगों को कचोट रहा है।
25 रुपये तक महंगा रसोई गैस सिलिंडर
रसोई गैस सिलिंडर पहले की तुलना में 25 रुपये तक महंगा हो गया। मई माह तक लोगों को 731.50 रुपये का सिलिंडर मिल रहा था। जून में 756.50 रुपये में मिल रहा है। कनेक्शनधारक के बैंक एकाउंट में सब्सिडी के रूप में 258.70 रुपये पहुंचते हैं। उपभोक्ता को 497.80 रुपये प्रति सिलिंडर भुगतान देना पड़ता है।
| खाद्य पदार्थ | पहले रेट | वर्तमान रेट |
| अरहर | 70 से 80 | 80 से 90 |
| चना | 60 से 65 | 70 से 75 |
| उड़द | 70 से 80 | 75 से 90 |
| मूंग | 65 से 70 | 70 से 80 |
| मसूर | 55 से 60 | 60 से 70 |
| बेसन | 80 से 85 | 85 से 90 |
| चीनी | 36 | 38 |
| लाल मिर्च | 110 | 140 |
| धनियां | 70 | 100 |
दस दिन में दोगुना हो गई प्याज की कीमत
पिछले 10 दिनों में फिरोजाबाद की मंडी में सात से आठ रुपये किलोग्राम की दर से बिकने वाली प्याज की कीमत 15 से 18 रुपये तक पहुंच गई। अन्य सब्जियों के दाम भी बढ़ गए हैं। नगला भाऊ निवासी दीप्ति ने कहा कि एक तो गर्मी से सभी परेशान हैं, ऊपर से महंगाई बढ़ गई। दालें काफी महंगी हो गई। इस कारण रसोई का बजट जो कंट्रोल था उसका बोझ बढ़ गया है।
संतोषनगर निवासी अनीता देवी कहती हैं हर चुनाव के बाद महंगाई बढ़ती है। प्याज ने आंसू निकालने शुरू कर दिए हैं तो दालें, मसाला व चीनी तक महंगी हो गई है। सरकार ने कोई टैक्स बढ़ाया नहीं तो फिर दरें क्यों बढ़ाई गई। मातावाला बाग निवासी मंजू देवी ने कहा रसोई गैस की भी कीमत में बढ़ोत्तरी हो गई। 756.70 रुपये गर्मी के दिनों में दर रहने से दिक्कत है। सरकार व प्रशासन को इन दरों को नियंत्रण करना चाहिए।
परचून दुकानदार संजीव कुमार जैन ने कहा कि लोकसभा के चुनाव के बाद दाल, चीनी, मिर्च व धनिया की कीमतों में उछाल आया है। दरें बढ़ीं हैं, कारण कोई बताने को तैयार नहीं है। गौरव ने कहा कि पैकबंद सामान की दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन खुले सामान जो आम आदमी की जरूरत के सामान हैं उनकी दरें अचानक बढ़ी हैं। इससे आम जनमानस पर असर पड़ा है।