{"_id":"5fe23aaa8ebc3e3c9037d863","slug":"indian-hog-deer-injured-in-attack-of-dogs","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जंगली कुत्तों ने किया हिरण पर हमला, वन्य जीव संरक्षण की टीम ने बचाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जंगली कुत्तों ने किया हिरण पर हमला, वन्य जीव संरक्षण की टीम ने बचाया
Wed, 23 Dec 2020 12:01 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 23 Dec 2020 12:01 AM IST
विज्ञापन
इंडियन हॉग हिरन
- फोटो : वाइल्डलाइफ एसओएस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा के चौमुहा ब्लॉक स्थित सहार गांव में जंगली कुत्तों द्वारा घायल किये गए एक इंडियन हॉग हिरन को वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट ने बचाया। हिरण को पैरों की सतह पर चोट लगी थी। उसे तत्काल चिकित्सा उपचार के बाद सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया गया।
वाइल्डलाइफ एसओएस रेस्क्यू टीम को एक हॉग डियर (हिरण) की तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए मथुरा वन विभाग से उनके हेल्पलाइन पर कॉल आया। सहार गांव में जंगली कुत्तों द्वारा हिरण को घायल कर दिया गया था। ग्रामीणों ने घायल हिरन को जंगली कुत्तों से बचाया और वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग की टीम ने चिकित्सकीय सहायता के लिए वाइल्डलाइफ एसओएस से संपर्क साधा।
श्रीकृष्ण जन्मस्थानः हिंदू आर्मी के दावे पर चार जनवरी को होगी अदालत में सुनवाई
विज्ञापन
वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट घायल हिरण को एक उपचार के लिए एनजीओ के अस्पताल लाई। वाइल्डलाइफ एसओएस के पशु-चिकित्सा सेवाओं के उप-निदेशक डॉ. इलियाराजा ने बताया कि नर हॉग डियर (हिरण) के पीछे के पैरों की सतह पर चोट लगी थी। वह काफी तनाव में था और इस तनाव से उभरने में उसे करीब एक दिन का समय लगा। आवश्यक उपचार के बाद हमने हिरण को उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया।
विज्ञापन
वाइल्डलाइफ एसओएस रेस्क्यू टीम को एक हॉग डियर (हिरण) की तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए मथुरा वन विभाग से उनके हेल्पलाइन पर कॉल आया। सहार गांव में जंगली कुत्तों द्वारा हिरण को घायल कर दिया गया था। ग्रामीणों ने घायल हिरन को जंगली कुत्तों से बचाया और वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग की टीम ने चिकित्सकीय सहायता के लिए वाइल्डलाइफ एसओएस से संपर्क साधा।
विज्ञापन
श्रीकृष्ण जन्मस्थानः हिंदू आर्मी के दावे पर चार जनवरी को होगी अदालत में सुनवाई
विज्ञापन
वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट घायल हिरण को एक उपचार के लिए एनजीओ के अस्पताल लाई। वाइल्डलाइफ एसओएस के पशु-चिकित्सा सेवाओं के उप-निदेशक डॉ. इलियाराजा ने बताया कि नर हॉग डियर (हिरण) के पीछे के पैरों की सतह पर चोट लगी थी। वह काफी तनाव में था और इस तनाव से उभरने में उसे करीब एक दिन का समय लगा। आवश्यक उपचार के बाद हमने हिरण को उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा बताया कि इंडियन हॉग डियर एक लुप्तप्राय प्रजाति है, जिसने पिछले कुछ दशकों में अपनी आबादी का एक बड़ा हिस्सा खो दिया है।
यह प्रजाति आईयूसीएन रेड लिस्ट में 'लुप्तप्राय' के रूप में सूचीबद्ध है। वे दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया में पाए जाते हैं, और उनके निवास स्थान गीले और ऊंचे घास के मैदानों से लेकर दलदली, नदी वाले क्षेत्र हैं। इन हिरणों का शिकार उनके मांस के लिए, पारंपरिक औषधि में उपयोग के लिए किया जाता है।
मथुरा के गोवर्धन रेंज के वन छेत्र अधिकारी ब्रजेश सिंह परमार ने बताया कि जैसे ही हिरण के बारे में जानकारी मिली, तुरंत टीम को स्थान पर पहुंचने के लिए रवाना कर दिया। इससे पहले भी अनेक बार हिरण और नीलगाय को कुत्तों द्वारा घायल कर देने की सूचना प्राप्त होती रही हैं।
यह प्रजाति आईयूसीएन रेड लिस्ट में 'लुप्तप्राय' के रूप में सूचीबद्ध है। वे दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया में पाए जाते हैं, और उनके निवास स्थान गीले और ऊंचे घास के मैदानों से लेकर दलदली, नदी वाले क्षेत्र हैं। इन हिरणों का शिकार उनके मांस के लिए, पारंपरिक औषधि में उपयोग के लिए किया जाता है।
मथुरा के गोवर्धन रेंज के वन छेत्र अधिकारी ब्रजेश सिंह परमार ने बताया कि जैसे ही हिरण के बारे में जानकारी मिली, तुरंत टीम को स्थान पर पहुंचने के लिए रवाना कर दिया। इससे पहले भी अनेक बार हिरण और नीलगाय को कुत्तों द्वारा घायल कर देने की सूचना प्राप्त होती रही हैं।