{"_id":"606e83a76ca3da3f34010281","slug":"increase-the-risk-of-corona-infection-due-to-returners-from-other-cities-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना की दूसरी लहर: दिल्ली-मुंबई की यात्रा करने वालों से बढ़ा आगरा में संक्रमण का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना की दूसरी लहर: दिल्ली-मुंबई की यात्रा करने वालों से बढ़ा आगरा में संक्रमण का खतरा
Thu, 08 Apr 2021 09:46 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 08 Apr 2021 09:46 AM IST
सार
- बीते सात दिन में दयालबाग, कमला नगर में 27 लोगों की मिली ट्रैवलिंग हिस्ट्री
- व्यापार संबंधी, समारोह में शामिल होने समेत अन्य कार्यों के लिए की यात्रा
विज्ञापन
आगरा में कोरोना वायरस (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ताजनगरी में कोरोना वायरस के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। सबसे बड़ा खतरा दिल्ली और मुंबई की यात्रा करने वाले लोगों से है। बीते सात दिनों में रोजाना चार से पांच मरीजों में कांटेक्ट हिस्ट्री इन दोनों शहरों से यात्रा करने वालों से पाई गई है।
विज्ञापन
रैपिड रिस्पांस टीम के डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि मार्च में कोरोना वायरस के 203 मरीज ही मिले थे, लेकिन इस महीने संक्रमण तेजी से बढ़ा है। इसकी एक बड़ी वजह दिल्ली-महाराष्ट्र की यात्रा करने वाले लोग भी हैं। इन दोनों राज्यों की यात्रा करने वालों में दयालबाग, कमला नगर, आवास विकास कॉलोनी और खंदारी क्षेत्र में सबसे ज्यादा पाए गए।
विज्ञापन
यहां करीब 27 लोगों की ट्रैवलिंग हिस्ट्री सामने आई है। टीम ने जब इनकी रिपोर्ट तैयार की तो यह दिल्ली और खासतौर से मुंबई की यात्रा करके लौटे। इनके संपर्क में आने से और लोग भी कोरोना वायरस की चपेट में आए। पूछताछ में पाया कि इन लोग व्यापार संबंधी, समारोह में शामिल होने और घूमने समेत अन्य कार्यों के लिए यात्रा की।
विज्ञापन
यात्रा करने वालों की जा रही ट्रैकिंग
सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि दूसरे राज्यों से यात्रा करने वालों की ट्रैकिंग और स्क्रीनिंग की जा रही है। खासतौर से दिल्ली-मुंबई की यात्रा से लौटे लोगों की मॉनीटरिंग भी की जा रही है। इनकी स्क्रीनिंग के बाद पांच से सात दिन तक कोई लक्षण प्रतीत होने की अपडेट ले रहे हैं।
दिल्ली-मुंबई में हालात ज्यादा खराब
निवर्तमान आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने बताया कि मुंबई और दिल्ली में कोरोना संक्रमण के लिहाज से स्थिति बदतर है। यहां से यात्रा करने वालों से संक्रमण का अधिक खतरा है। ऐसे लोग पूरी सावधानी बरतें और किसी भी लक्षण प्रतीत होने पर स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें।
दूसरी लहर में तेजी से बढ़ रहा संक्रमण
ताजनगरी में दक्षिण अफ्रीकी और अज्ञात स्ट्रेन का असर दिखने लगा है। संक्रमित होने से तेजी से मरीज बढ़े हैं। कोविड अस्पताल के आईसीयू प्रभारी डॉ. राजीव पुरी ने बताया कि दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों की स्थिति पहली लहर के मुकाबले ज्यादा बिगड़ी हुई मिल रही है। भर्ती होने वाले लगभग हर दूसरे मरीज को आईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन देनी पड़ रही है।
स्थिति यह है कि 31 मार्च तक कोविड अस्पताल में चार मरीज भर्ती थे और महज एक मरीज आइसीयू में इलाज करा रहा था। अब 52 मरीज भर्ती हो चुके हैं और 24 को आइसीयू में इलाज दे रहे हैं। यह दक्षिण अफ्रीकी और अज्ञात स्ट्रेन की वजह से भी हो सकता है। इसका असर यह है कि बीते 48 घंटों में 30 नए मरीज भर्ती होने के लिए आए हैं।
सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि दूसरे राज्यों से यात्रा करने वालों की ट्रैकिंग और स्क्रीनिंग की जा रही है। खासतौर से दिल्ली-मुंबई की यात्रा से लौटे लोगों की मॉनीटरिंग भी की जा रही है। इनकी स्क्रीनिंग के बाद पांच से सात दिन तक कोई लक्षण प्रतीत होने की अपडेट ले रहे हैं।
दिल्ली-मुंबई में हालात ज्यादा खराब
निवर्तमान आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने बताया कि मुंबई और दिल्ली में कोरोना संक्रमण के लिहाज से स्थिति बदतर है। यहां से यात्रा करने वालों से संक्रमण का अधिक खतरा है। ऐसे लोग पूरी सावधानी बरतें और किसी भी लक्षण प्रतीत होने पर स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें।
दूसरी लहर में तेजी से बढ़ रहा संक्रमण
ताजनगरी में दक्षिण अफ्रीकी और अज्ञात स्ट्रेन का असर दिखने लगा है। संक्रमित होने से तेजी से मरीज बढ़े हैं। कोविड अस्पताल के आईसीयू प्रभारी डॉ. राजीव पुरी ने बताया कि दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों की स्थिति पहली लहर के मुकाबले ज्यादा बिगड़ी हुई मिल रही है। भर्ती होने वाले लगभग हर दूसरे मरीज को आईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन देनी पड़ रही है।
स्थिति यह है कि 31 मार्च तक कोविड अस्पताल में चार मरीज भर्ती थे और महज एक मरीज आइसीयू में इलाज करा रहा था। अब 52 मरीज भर्ती हो चुके हैं और 24 को आइसीयू में इलाज दे रहे हैं। यह दक्षिण अफ्रीकी और अज्ञात स्ट्रेन की वजह से भी हो सकता है। इसका असर यह है कि बीते 48 घंटों में 30 नए मरीज भर्ती होने के लिए आए हैं।