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Agra University: डॉ. आंबेडकर विवि के अधूरे परीक्षा परिणाम, अधर में लटका छात्र-छात्राओं का भविष्य

Sun, 14 Jul 2024 09:21 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 14 Jul 2024 09:21 AM IST
सार

आगरा विश्वविद्यालय के अधूरे परीक्षा परिणाम से छात्र-छात्राएं ही नहीं अभिभावक भी परेशान हैं। पिछले एक साल से विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। 

 

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Incomplete examination results of Dr. Ambedkar University future of students hanging in balance
आगरा विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि में अधूरे और त्रुटिपूर्ण परीक्षा परिणाम छात्र-छात्राओं के लिए मुसीबत बन गए हैं। किसी को दूसरे विवि में प्रवेश लेना है तो किसी को दूसरी जगह परीक्षा के लिए आवेदन करना है। एक पटल से दूसरे पटल पर भटकने के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है। जिम्मेदार मुंह मोड़कर बैठे हैं।
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आरबीएस कॉलेज की छात्रा गुंजन अग्रवाल ने सत्र 2023 में बीए की परीक्षा पास की थी। एक पेपर में अंक सुधार के लिए उन्होंने पुनर्परीक्षा दी। एक साल बाद भी नई अंकतालिका उनके हाथ में नहीं आई है। गुंजन का कहना है कि एक साल पहले ही बर्बाद हो चुका है, कहीं ये साल भी बेकार न हो जाए।
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एलिस मौरिस का चयन जयपुर के एक कॉलेज में हो चुका है। उन्होंने बीकॉम फाइनल में पुनर्परीक्षा 2023 में दी थी। संशोधित अंकतालिका अब तक नहीं मिली है। वह अपने पिता के साथ अंकतालिका की स्थिति जानने आई थीं। वह कहती हैं कि हालात देखकर लग रहा है कि कहीं सीट हाथ से न निकल जाए।


 
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फिरोजाबाद के मेघ सिंह हुंडी लाल कॉलेज के बीएससी फाइनल के छात्र राम कुमार 8 महीने से विवि के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि रिजल्ट में सुधार नहीं हो सका है। मैथ्स के सेकंड पेपर में मार्क्स वांटेड (एमडब्ल्यू) और रिजल्ट पर रिजल्ट अवेटेड (आरए) लिखा है। सारे साक्ष्य देने के बाद भी अब तक संशोधित परिणाम नहीं मिल सका है। पूरा परिवार पिता की तनख्वाह पर निर्भर है। उन्हें 8000 रुपये मिलता है लेकिन हर महीने डेढ़ से दो हजार रुपये विवि के चक्कर काटने में खर्च हो जा रहे हैं। पिता गुस्सा होते हैं, उन्हें कैसे समझाऊं कि मैं पूरी कोशिश कर रहा हूं, विवि के जिम्मेदार चुप्पी साधे बैठे हैं।

 
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रोज संशोधन हो रहा
परीक्षा नियंत्रक ओम प्रकाश ने बताया कि परीक्षा परिणाम से संबंधित त्रुटियों में सुधार कराया जा रहा है। रोज संशोधित अंकतालिकाएं लेकर बच्चे जा रहे हैं। कुछ अपवाद हो सकते हैं, हम प्रयास कर रहे हैं।
 
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