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Agra News: डिजिटल डाटा और कच्चे खातों को खंगाल रहीं आयकर टीमें
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आगरा/अलीगढ़। हिक्स थर्मामीटर की अलीगढ़ में आईटीआई रोड स्थित फैक्टरी और आगरा में नुनिहाई स्थित अशोक ऑटो सेल्स व रोमसंस फैक्टरी पर बुधवार को दूसरे दिन भी आयकर सर्च जारी रहा। आयकर टीमें डिजिटल डाटा और कच्चे खातों को खंगाल रही हैं। तीन कंपनियों के देशभर में 30 से अधिक ठिकानों पर मंगलवार से कर चोरी की आशंका में कार्रवाई जारी है।
अलीगढ़ स्थित हिक्स फैक्टरी में विभाग की टीम ने एक कमरे को अपना अस्थायी दफ्तर बना लिया है, जहां से कंपनी के खरीद-बिक्री के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच और स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। बुधवार को टीम का मुख्य फोकस कंपनी के डिजिटल डाटा पर रहा।
सूत्रों के मुताबिक, विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों ने कंपनी के कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क की क्लोनिंग की। क्लाउड स्टोरेज का बैकअप लिया, ताकि फिजिकल स्टॉक के साथ इनका मिलान किया जा सके। इसके अलावा चैट और ईमेल की स्कैनिंग की। कंपनी के प्रमोटर्स और अकाउंटेंट के ईमेल और व्हाट्सएप चैट खंगाले जा रहे हैं। डिलीट डेटा की रिकवरी के लिए टीम उन कच्चे खातों और डिलीट किए गए वाउचरों की तलाश कर रही है, जिनका उपयोग टैक्स चोरी के लिए किए जाने का संदेह है।
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मुनाफा घटाने और फर्जी बिलिंग का संदेह
आयकर विभाग की टीम हिक्स फैक्टरी में मौजूद कच्चे और तैयार माल की गिनती कर रही है। जांच का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के कचरे के दावों पर टिका है। विभाग को संदेह है कि मुनाफा कम दिखाने के लिए जानबूझकर कचरे के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। इसके अलावा, उन सप्लायर्स की सूची तैयार की गई है, जिनसे कथित तौर पर केवल कागजी बिल लिए गए, लेकिन माल की कोई वास्तविक आपूर्ति नहीं हुई।
जांच में कंपनी के मालिकों के निजी खर्चों को बिजनेस खर्च के रूप में दिखाने के भी पुख्ता सबूत मिलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो यह कार्यवाही बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भी जारी रह सकती है। वर्तमान में कंपनी का स्टाफ जांच टीम को सहयोग कर रहा है।
रिश्तेदारी के कारण आगरा में दबिश
जांच का दायरा अलीगढ़ से आगरा तक फैला है। सूत्रों के अनुसार हिक्स फैक्टरी मालिकों के रिश्तेदारी आगरा तक है। नुनिहाई स्थित अशोक ऑटो सेल्स पर भी बुधवार को आयकर टीमें जांच में जुटी रहीं। इसके अलावा रोमसंस भी मेडिकल उपकरण बनाती है। कई देशों में उपकरणों का निर्यात होता है। ऐसे में इन कंपनियों के दफ्तर और आवास पर भी आयकर टीम ने डेरा डाल रखा है। बुधवार को तीनों फैक्टरी परिसर में केवल अधिकारियों की गाड़ियों की आवाजाही देखी गई और बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहा।
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अलीगढ़ स्थित हिक्स फैक्टरी में विभाग की टीम ने एक कमरे को अपना अस्थायी दफ्तर बना लिया है, जहां से कंपनी के खरीद-बिक्री के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच और स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। बुधवार को टीम का मुख्य फोकस कंपनी के डिजिटल डाटा पर रहा।
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सूत्रों के मुताबिक, विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों ने कंपनी के कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क की क्लोनिंग की। क्लाउड स्टोरेज का बैकअप लिया, ताकि फिजिकल स्टॉक के साथ इनका मिलान किया जा सके। इसके अलावा चैट और ईमेल की स्कैनिंग की। कंपनी के प्रमोटर्स और अकाउंटेंट के ईमेल और व्हाट्सएप चैट खंगाले जा रहे हैं। डिलीट डेटा की रिकवरी के लिए टीम उन कच्चे खातों और डिलीट किए गए वाउचरों की तलाश कर रही है, जिनका उपयोग टैक्स चोरी के लिए किए जाने का संदेह है।
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मुनाफा घटाने और फर्जी बिलिंग का संदेह
आयकर विभाग की टीम हिक्स फैक्टरी में मौजूद कच्चे और तैयार माल की गिनती कर रही है। जांच का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के कचरे के दावों पर टिका है। विभाग को संदेह है कि मुनाफा कम दिखाने के लिए जानबूझकर कचरे के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। इसके अलावा, उन सप्लायर्स की सूची तैयार की गई है, जिनसे कथित तौर पर केवल कागजी बिल लिए गए, लेकिन माल की कोई वास्तविक आपूर्ति नहीं हुई।
जांच में कंपनी के मालिकों के निजी खर्चों को बिजनेस खर्च के रूप में दिखाने के भी पुख्ता सबूत मिलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो यह कार्यवाही बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भी जारी रह सकती है। वर्तमान में कंपनी का स्टाफ जांच टीम को सहयोग कर रहा है।
रिश्तेदारी के कारण आगरा में दबिश
जांच का दायरा अलीगढ़ से आगरा तक फैला है। सूत्रों के अनुसार हिक्स फैक्टरी मालिकों के रिश्तेदारी आगरा तक है। नुनिहाई स्थित अशोक ऑटो सेल्स पर भी बुधवार को आयकर टीमें जांच में जुटी रहीं। इसके अलावा रोमसंस भी मेडिकल उपकरण बनाती है। कई देशों में उपकरणों का निर्यात होता है। ऐसे में इन कंपनियों के दफ्तर और आवास पर भी आयकर टीम ने डेरा डाल रखा है। बुधवार को तीनों फैक्टरी परिसर में केवल अधिकारियों की गाड़ियों की आवाजाही देखी गई और बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहा।