आयकर का छापा: आगरा के चार जूता निर्यातकों के 15 ठिकानों पर कार्रवाई, एक कारोबारी हैं अखिलेश के करीबी
इत्र कारोबारियों के बाद आयकर विभाग के रडार पर जूता निर्यातक आ गए हैं। मंगलवार सुबह ताजनगरी के चार जूता निर्यातकों के तीन शहरों में मौजूद 15 ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापा मारा।
विस्तार
आगरा में आयकर विभाग के 100 अधिकारियों की टीम ने दिल्ली, नोएडा और आगरा में एक साथ सुबह 8 बजे सर्च शुरू किया। इन चार जूता निर्यातकों में से एक की मित्रता पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से है। कारोबारी की मां की मृत्यु पर बीते साल पूर्व सीएम उनके घर पहुंचे थे।
आयकर विभाग की जांच शाखा की अपर निदेशक नीलम अग्रवाल के निर्देशन में सहायक निदेशक जांच आशिमा महाजन के नेतृत्व में मंगलवार सुबह 100 अधिकारियों की टीम ने चारों जूता निर्यातकों के घर, प्रतिष्ठान, कार्यालय, फैक्टरी और अन्य परिसरों पर एक साथ छापा मारा।
तीन शहरों में मारा छापा
तीन शहरों दिल्ली, नोएडा और आगरा में कुल 15 ठिकाने आयकर छापे में शामिल किए गए। आयकर विभाग के अधिकारियों ने छापे के दौरान इनके लैपटॉप, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स को कब्जे में लिया। आयकर अधिकारियों के मुताबिक चारों निर्यातकों ने आपस में मिलकर हाल में ही रियल एस्टेट में भारी निवेश किया है।
इन पर की गई है कार्रवाई
- जूता निर्यातक नोवा शूज के हरसिमरन अलघ उर्फ मनु अलघ
- तारा इनोवेशन की मानसी चंद्रा
- ओम एक्सपोर्ट के राजेश सहगल
- आहुजा इंटरनेशनल के विजय आहुजा
मिलकर किया 100 करोड़ का निवेश
छापे के दौरान जो कागजात मिले हैं, उससे आयकर विभाग को चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। इन चारों ने मिलकर दिल्ली-आगरा रोड के प्राइम लोकेशन पर बड़ी जमीन खरीदी है। कुल 100 करोड़ रुपये का निवेश इनमें किया गया है। चारों निर्यातकों की हर प्रोजेक्ट में साझेदारी मिली है। इनकी जूता इकाइयों के बीच भी लेनदेन है।
सुबह सोते मिले चौकीदार, ऑफिस के ताले भी न खुले
आयकर विभाग ने सुबह आठ बजे से पहले ही कई प्रतिष्ठानों पर छापे शुरू किए, वहां के ताले भी तब तक नहीं खुले थे। चौकीदार भी सोते मिले तो निर्यातक चाय की चुस्कियां ले रहे थे। लाजपत कुंज, विजय नगर, भरतपुर हाउस स्थित निर्यातकों के घरों के पास रहने वालों में आयकर विभाग की गाड़ियां देखकर हड़कंप मच गया। कोरोना काल के दो साल बाद आयकर विभाग ने आगरा में पहली कार्रवाई की है।