{"_id":"6976428eda2d4c1321080a05","slug":"in-the-digital-world-caution-is-the-only-security-agra-news-c-25-1-agr1030-974065-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: डिजिटल दुनिया में सावधानी ही सुरक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: डिजिटल दुनिया में सावधानी ही सुरक्षा
विज्ञापन
आगरा। बढ़ते डिजिटल लेन-देन के साथ ही साइबर अपराधी अब वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बना रहे है। इसके मद्देनजर आई सर्व खुशियों के पल संस्था ने देवनगर खंदारी पर रविवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला की। विशेषज्ञों ने सावधानी को ही सुरक्षा बताया।
मुख्य वक्ता साइबर क्राइम थाने उप निरीक्षक भगवान सिंह, शशांक कौशल, नीतू तोमर, निशांत ढाका एवं अभिषेक कुमार ने साइबर अपराध से बचने के टिप्स दिए। प्रबंधक अनुराग जैन ने कहा कि आज जितनी तेजी से लोग ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ रहे हैं, उतनी ही तेजी से साइबर अपराध भी बढ़ रहा है। मुख्य वक्ता ने कहा कि वर्तमान में इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, एपीके फ्रॉड, सिम स्वैप, फर्जी कॉल और लिंक के माध्यम से आर्थिक ठगी के मामले बढ़े हैं।
बताया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं करती और न ही पुलिस या बैंक कभी ओटीपी, पिन या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के लिए कहते हैं। कहा कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें। बिना जांच-पड़ताल के किसी निवेश योजना में धन न लगाएं। मोबाइल में अनधिकृत एप या एपीके फाइल डाउनलोड न करें। बैंकिंग विवरण और ओटीपी को गोपनीय रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि के लिए 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराएं। वरिष्ठ नागरिकों ने प्रश्न पूंछे जिनका साइबर क्राइम टीम ने समाधान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य वक्ता साइबर क्राइम थाने उप निरीक्षक भगवान सिंह, शशांक कौशल, नीतू तोमर, निशांत ढाका एवं अभिषेक कुमार ने साइबर अपराध से बचने के टिप्स दिए। प्रबंधक अनुराग जैन ने कहा कि आज जितनी तेजी से लोग ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ रहे हैं, उतनी ही तेजी से साइबर अपराध भी बढ़ रहा है। मुख्य वक्ता ने कहा कि वर्तमान में इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, एपीके फ्रॉड, सिम स्वैप, फर्जी कॉल और लिंक के माध्यम से आर्थिक ठगी के मामले बढ़े हैं।
विज्ञापन
बताया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं करती और न ही पुलिस या बैंक कभी ओटीपी, पिन या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के लिए कहते हैं। कहा कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें। बिना जांच-पड़ताल के किसी निवेश योजना में धन न लगाएं। मोबाइल में अनधिकृत एप या एपीके फाइल डाउनलोड न करें। बैंकिंग विवरण और ओटीपी को गोपनीय रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि के लिए 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराएं। वरिष्ठ नागरिकों ने प्रश्न पूंछे जिनका साइबर क्राइम टीम ने समाधान किया।
विज्ञापन