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बदनाम बस्ती में छापा, तीन युवतियां मुक्त कराईं
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 09 Feb 2015 01:36 AM IST
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कश्मीरी बाजार की बदनाम बस्ती में सपा नेत्री की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर पश्चिम बंगाल की तीन युवतियों को मुक्त कराया। कोठा संचालिका की साथी और एक ग्राहक भी पकड़ा गया है।
सपा नेत्री मोनिका नाज ने बताया कि उनके एक परिचित ने जानकारी दी थी कि कश्मीरी बाजार में ज्योति के कोठे पर तीन युवतियां बंधक हैं। उनसे देह व्यापार कराया जा रहा है। सपा नेत्री ने अफसरों को जानकारी दी। रविवार शाम सात बजे वे खुद परिचित के साथ बदनाम बस्ती पहुंची। उन्होंने कोठा संचालिका की साथी महिला शिल्पा को पकड़ लिया। फिर से पुलिस अफसरों को अवगत कराया। इस पर सीओ कोतवाली, सीओ छत्ता ने फोर्स के साथ छापामार पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले की तीन युवतियों को मुक्त कराया। युवतियों ने पुलिस को बताया कि गांव के ही एक युवक से मोबाइल पर मिस्ड कॉल आने के बाद दोस्ती हुई थी। वह तीन महीने पहले नौकरी दिलाने का झांसा देकर यहां लाया था। इसके बाद उन्हें बेचकर चला गया। कोठा संचालिका जबरन देह व्यापार करा रही थी। जबरन शराब पिलाई जाती थी। संचालिका ज्योति पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ी है। सीओ छत्ता ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है।
इसी कोठे से कूदकर दी थी युवती ने जान
जिस कोठे से बंगाल की युवतियां बरामद की गई हैं, उस कोठे पर जून 2013 में बंधक बनाकर रखी गई युवती ने कूदकर जान दे दी थी। इसके बाद कोठा काफी समय तक बंद था। लेकिन पुलिस की ढील मिलते ही यहां फिर से देह व्यापार शुरू हो गया।
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सपा नेत्री मोनिका नाज ने बताया कि उनके एक परिचित ने जानकारी दी थी कि कश्मीरी बाजार में ज्योति के कोठे पर तीन युवतियां बंधक हैं। उनसे देह व्यापार कराया जा रहा है। सपा नेत्री ने अफसरों को जानकारी दी। रविवार शाम सात बजे वे खुद परिचित के साथ बदनाम बस्ती पहुंची। उन्होंने कोठा संचालिका की साथी महिला शिल्पा को पकड़ लिया। फिर से पुलिस अफसरों को अवगत कराया। इस पर सीओ कोतवाली, सीओ छत्ता ने फोर्स के साथ छापामार पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले की तीन युवतियों को मुक्त कराया। युवतियों ने पुलिस को बताया कि गांव के ही एक युवक से मोबाइल पर मिस्ड कॉल आने के बाद दोस्ती हुई थी। वह तीन महीने पहले नौकरी दिलाने का झांसा देकर यहां लाया था। इसके बाद उन्हें बेचकर चला गया। कोठा संचालिका जबरन देह व्यापार करा रही थी। जबरन शराब पिलाई जाती थी। संचालिका ज्योति पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ी है। सीओ छत्ता ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है।
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इसी कोठे से कूदकर दी थी युवती ने जान
जिस कोठे से बंगाल की युवतियां बरामद की गई हैं, उस कोठे पर जून 2013 में बंधक बनाकर रखी गई युवती ने कूदकर जान दे दी थी। इसके बाद कोठा काफी समय तक बंद था। लेकिन पुलिस की ढील मिलते ही यहां फिर से देह व्यापार शुरू हो गया।
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