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जानिए, ऐसे तैयार होते हैं जसपाल राणा जैसे शूटर

Wed, 21 Jun 2017 12:41 PM IST
संकल्प दुबे/टीम डिजिटल आगरा
संकल्प दुबे/टीम डिजिटल आगरा Updated Wed, 21 Jun 2017 12:41 PM IST
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in agra narayan singh rana talks about shooting career
जसपाल राणा और नारायण सिंह राना - फोटो : अमर उजाला
एशियन खेलों में चार गोल्ड मेडल। एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप में एक गोल्ड और एक ब्रोंज मेडल। ये आंकड़े यह साबित करने के लिए काफी हैं कि सन 1990 और 2000 के दशक में शूटिंग में जसपाल राणा की धाक क्यों रही। ये वो दौर था जब देश में शूटिंग का दूसरा नाम ही जसपाल राणा ही थे। 
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इसके बाद देश में कई शूटर आए जिन्होंने एशियन खेलों से लेकर ओलंपिक में देश के लिए पदक जीता लेकिन अब भी जब शूटिंग की बात आती है तो जसपाल राणा का नाम सबसे पहले आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, जसपाल राणा जैसा शूटर बनने के लिए एक खिलाड़ी को किस दौर से गुजरना होता है। यह बात खुद जसपाल राणा के पिता, उत्तराखंड सरकार में पूर्व खेल मंत्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता नारायण सिंह राणा ने बताई। 
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बुधवार को आगरा के एकलव्य स्पोटर्स स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में शिरकत करने आए क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और शूटर जसपाल राणा के पिता ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि शूटिंग बेशक, महंगा खेल है लेकिन इसमें हर खिलाड़ी के लिए जगह है। 
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उन्होंने कहा कि अब तो छोटे-छोटे शहरों में भी शूटिंग रेंज उपलब्ध हैं जहां अभ्यास कर खिलाड़ी शूटिंग की दुनिया में चमकता सितारा बन सकता है। शुरुआत में शूटिंग रेंज पर प्रैक्टिस कर खिलाड़ी खुद को मजबूत करें। इसके बाद यदि वे एक-दो नेशनल और इंटरनेशनल टूर्नामेंट में पदक जीत लें तो इसके बाद अपने संसाधान भी आसानी से जुटा सकते हैं।  

शूटर बनने के लिए सबसे जरूरी शर्तों में उन्होंने कहा कि इस खेल में भी खिलाड़ी की फिजिकल फिटनेस उतनी ही जरूरी है जितनी अन्य खेलों में। शूटिंग को इंडोर गेम की तरह न समझा जाए। यहां भी करीब एक-एक घंटे के मैच होते हैं जिनमें करीब 60 राउंड तक शूटर को कंसिटेंट परफॉरमेंस देनी पड़ती है। इसके लिए फिजिकल और मेंटल फिटनेस दोनों ही बहुत जरूरी हैं। 


इसके साथ ही एक इंटरनेशनल शूटर का पिता होने के नाते उन्होंने यह भी कहा कि शूटिंग में किसी खिलाड़ी को करियर बनाने के लिए माता-पिता का सहयोग बहुत जरूरी है। शूटिंग के लिए जरूरी संसाधन माता पिता ही उपलब्ध करा सकते हैं और एक लेवल पर जाकर खुद के ही संसाधन खिलाड़ी के काम आते हैं। 
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