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ईशान कोण में गजानन की प्रतिमा स्थापित करने पर बरसेगी असीम कृपा

Thu, 09 Sep 2021 11:16 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 09 Sep 2021 11:16 PM IST
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Immense grace will be showered on setting up the statue of Gajanan in the northeast
कासगंज में गणेश चतुर्थी पर्व के लिए मूर्तियां खरीदते लोग - फोटो : KASGANJ
सोरों (कासगंज)। विघ्नहर्ता मंगलकर्ता का जन्मोत्सव जिलेभर में धूमधाम से मनाने की तैयारी की गयी हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी उत्सव भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से प्रारंभ होता है। शुक्रवार से यह उत्सव शुरू होगा। 10 दिनों तक गजानंद का पूजन अर्चन विधि विधान पूर्वक किया जाएगा। ज्योतिषाचार्य नेे पूजन अर्चन के उपाय सुझाये हैं। विशेष सलाह दी है कि घर के उत्तर, पूर्व दिशा या ईशान कोण में एकदन्त गजानन की प्रतिमा का स्थापन करने पर प्रभु की असीम कृपा बरसेगी।
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हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य या पूजा का आरम्भ इनकी आराधना से किया जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से शुरू किया गया काम बिना किसी रुकावट के संपन्न हो जाता है। भगवान श्रीगणेश को सुख समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से इनकी पूजा करने पर सारे दु:ख दर्द दूर हो जाते हैं। इसी को लेकर भगवान श्रीगणेश का उत्सव जिलेभर में धूमधाम से मनाने की तैयारी में उपासक जुटे हुए हैं।
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ज्योतिषाचार्य की बात
सोरों के ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल वाशिष्ठ का कहना है कि घर का ईशान कोण शुभ कार्यों के लिये श्रेष्ठ माना जाता है। यहाँ भगवान् गणेश की मूर्ति का स्थापन करें। ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि घर में जहाँ भी देव स्थान हों वहाँ भी मूर्ति का स्थापन कर सकते हैं। घर में बैठे हुए गणेशजी की प्रतिमा रखना उत्तम माना जाता है। इससे सुख समृद्धि आती है।
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इस मंत्र का करें उच्चारण
- एकदन्ताय गणेशाय नम: मंत्र का जाप करने से सुख समृद्घि मिलेगी।
यह है उपयुक्त समय
प्रात: 6 बजे से 10:40 मिनट तक पूजा का उपयुक्त समय है।
इस तरह करें भगवान को प्रसन्न
- गणपति बप्पा को मोदक अतिप्रिय हैं। इसलिये इनके जन्मोत्सव के दिन सबसे पहले मोदक का भोग लगायें।
- गणेशजी के बालरूप का पूजन करते हुए उन्हें मोतीचूर के लड्डू का भोग लगायें।
- भगवान् गणेश की पूजा में प्रसाद के रूप में बेसन या बूँदी के लड्डू अर्पण करें।
- गणेश चतुर्थी पूजा के चौथे दिन भगवान् गणेश को केला का भोग लगायें। सनातन धर्म में यह भोग उत्तम है।
- घर में खीर बनाएं और गणपति को भोग के रूप में अर्पण करें।
- श्रद्धालु नारियल, मेवा लड्डू, कलाकंद का भोग भी लगा सकते हैं।

कासगंज के प्रभुपार्क में सिद्घि विनायक मंदिर में विराजे गणपति

कासगंज के प्रभुपार्क में सिद्घि विनायक मंदिर में विराजे गणपति- फोटो : KASGANJ

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