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फरियादी बनकर आईजी ने लिया थानेदार का इम्तिहान, पास होने पर दिया यह इनाम

Sun, 21 Jul 2019 09:36 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 21 Jul 2019 09:36 AM IST
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ig a satish ganesh inspected the police station mathura
फरियादी बनकर शिकायत दर्ज कराते आईजी ए सतीश गणेश - फोटो : अमर उजाला
आईजी आगरा ए सतीश गणेश शनिवार दोपहर पुलिस का इम्तिहान लेने के लिए मथुरा के थाना हाईवे पहुंचे। यहां उन्होंने खुद को सेना का कर्नल बताया और ऑफिस में मौजूद प्रभारी निरीक्षक रामपाल सिंह भाटी से कहा कि कार से उनका लैपटॉप चोरी हो गया है। मुकदमा लिखाना है। इंस्पेक्टर ने तत्काल मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस की कार्यशैली से खुश होकर आईजी ने प्रभारी निरीक्षक को पांच हजार रुपये बतौर इनाम दिए।
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आईजी रेंज ए सतीश गणेश - फोटो : अमर उजाला

पुलिस मुकदमे लिखने में आनाकानी करती है। लूट को चोरी में दर्ज कर लेती है। छोटी-मोटी घटनाओं को तो पुलिस रिकार्ड का हिस्सा बनाया ही नहीं जाता। इस तरह की शिकायतें आमतौर पर गूंजती ही रहती हैं। इन्हीं शिकायतों को चेक करने के लिए आगरा जोन के आईजी ए सतीश गणेश आगरा से मथुरा के लिए चल पड़े। 

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आईजी रेंज ए सतीश गणेश - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने पुलिस कार्यप्रणाली को जांचने के लिए हाईवे थाने को चुना। वो दोपहर को करीब साढ़े बारह बजे हाईवे थाने पर पहुंच गए। उस वक्त प्रभारी निरीक्षक रामपाल सिंह भाटी अपने ऑफिस में थे। एक दो फरियादी भी मौजूद थे। 

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आईजी ए सतीश गणेश अधीनस्थों के साथ फरियादियों की फरियाद सुनते हुए

सेना का कर्नल बनकर पहुंचे आईजी ने कहा कि वो एक होटल के पास कार खड़ा कर चाय पी रहे थे। इसी दौरान किसी ने उनका लैपटॉप चोरी कर लिया है। इंस्पेक्टर ने कहा कि अभी मुकदमा दर्ज करा देते हैं। तत्काल केस पंजीकृत हो गया। आईजी ने इंस्पेक्टर के व्यवहार की तारीफ करते हुए उन्हें पुरस्कृत भी किया। 

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ig a satish ganesh inspected the police station mathura
आईजी ए सतीश गणेश अधीनस्थों के साथ फरियादियों की फरियाद सुनते हुए - फोटो : अमर उजाला

शुरूआत में तो आईजी फरियादी बनकर ही पहुंचे थे। उस समय इंस्पेक्टर रामपाल भाटी अपनी कुर्सी पर थे, जबकि आईजी फरियादियों वाली सीट पर। जब मुकदमा दर्ज हो गया और आईजी जाने लगे तब रामपाल सिंह से हाथ मिलाया और कहा कि मैं आईजी हूं। यह सुनते ही थाने में सन्नाटा पसर गया। कुछ ही देर में थाने का सारा स्टाफ पहुंच गया।

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