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अब 35% मार्क्स तो ही होंगे पास
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा/धर्मेंद्र त्यागी
Updated Mon, 07 Dec 2015 01:59 AM IST
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नए सत्र से डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ग्रेस मार्क्स सिस्टम बंद करने जा रहा है। इस बाबत कालेजों को नई गाइड लाइन भेज दी गई है। यदि अब भी छात्र कृपांक के सहारे पास होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं तो उनका बेड़ागर्क होना तय है।
विश्वविद्यालय से जुड़े 770 कालेजों में सात लाख से अधिक स्टूडेंट्स अध्ययनरत हैं। विद्या परिषद की संस्तुति पर कार्य परिषद ने नोटिफिकेशन वाइड नंबर आठ के तहत ग्रेस मार्क्स देना बंद कर दिया है। फेल होने पर छात्र को अगले साल संबंधित विषय की परीक्षा देनी होगी। अभी तक एक विषय में आठ अंकों तक का ग्रेस मिलता रहा है। थोड़ी राहत यह है कि प्रत्येक विषय में न्यूनतम अंक 33 से बढ़ाकर 35 कर दिए गए हैं। कुलसचिव केएन सिंह ने बताया कि 2015-16 के सत्र से कृपांक नहीं दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा।
एमएड भी हुआ दो साल का
बीएड, बीपीएड और एमएड तीनों कोर्स अब दो साल के होंगे। इसमें एमएड सेमेस्टर प्रोग्राम के तहत संचालित होगा। ये पाठ्यक्रम 2015-16 में प्रथम वर्ष और 2016-17 द्वितीय वर्ष से लागू हो जाएगा।
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पेपर में नहीं होंगे वैकल्पिक प्रश्न
नए सत्र से पेपर का पैटर्न भी बदला हुआ होगा। 10 अंकों वाले वैकल्पिक प्रश्न नहीं होंगे। कला वर्ग, कृषि संकाय के पेपर तीन वर्गों में अति लघु, लघु और दीर्घ प्रश्न पत्र पर आधारित होंगे। वाणिज्य वर्ग और विज्ञान वर्ग का पेपर सेक्शन ए, बी में बंटा होगा।
ये परीक्षा होंगी ओएमआर शीट पर
- बीए हिंदी भाषा प्रथम वर्ष का द्वितीय प्रश्न
- बीए समाज शास्त्र के तीनों वर्ष के प्रथम प्रश्न पत्र
- बीए सामान्य अंग्रेजी प्रथम वर्ष के प्रथम प्रश्न पत्र
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विश्वविद्यालय से जुड़े 770 कालेजों में सात लाख से अधिक स्टूडेंट्स अध्ययनरत हैं। विद्या परिषद की संस्तुति पर कार्य परिषद ने नोटिफिकेशन वाइड नंबर आठ के तहत ग्रेस मार्क्स देना बंद कर दिया है। फेल होने पर छात्र को अगले साल संबंधित विषय की परीक्षा देनी होगी। अभी तक एक विषय में आठ अंकों तक का ग्रेस मिलता रहा है। थोड़ी राहत यह है कि प्रत्येक विषय में न्यूनतम अंक 33 से बढ़ाकर 35 कर दिए गए हैं। कुलसचिव केएन सिंह ने बताया कि 2015-16 के सत्र से कृपांक नहीं दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा।
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एमएड भी हुआ दो साल का
बीएड, बीपीएड और एमएड तीनों कोर्स अब दो साल के होंगे। इसमें एमएड सेमेस्टर प्रोग्राम के तहत संचालित होगा। ये पाठ्यक्रम 2015-16 में प्रथम वर्ष और 2016-17 द्वितीय वर्ष से लागू हो जाएगा।
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पेपर में नहीं होंगे वैकल्पिक प्रश्न
नए सत्र से पेपर का पैटर्न भी बदला हुआ होगा। 10 अंकों वाले वैकल्पिक प्रश्न नहीं होंगे। कला वर्ग, कृषि संकाय के पेपर तीन वर्गों में अति लघु, लघु और दीर्घ प्रश्न पत्र पर आधारित होंगे। वाणिज्य वर्ग और विज्ञान वर्ग का पेपर सेक्शन ए, बी में बंटा होगा।
ये परीक्षा होंगी ओएमआर शीट पर
- बीए हिंदी भाषा प्रथम वर्ष का द्वितीय प्रश्न
- बीए समाज शास्त्र के तीनों वर्ष के प्रथम प्रश्न पत्र
- बीए सामान्य अंग्रेजी प्रथम वर्ष के प्रथम प्रश्न पत्र