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नहीं मिला लाइसेंस तो डीएम की गाड़ी से दे दूंगी जान
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मैनपुरी। कलक्ट्रेट परिसर में जहरीला पदार्थ खाने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई महिला लाइसेंस दिलाने की जिद पर अड़ी रही। उसका कहना था कि यदि लाइसेंस नही मिला तो वह डीएम की गाड़ी के आगे कूद कर जान दे देगी। उसका एक पुत्र चला गया, दूसरे की सुरक्षा के लिए उसे लाइसेंस हर हाल में चाहिए।
नगला कुशल की रहने वाली अखिलेश देवी जिला अस्पताल में आने के बाद बेहद परेशान थीं। उनका कहना है कि उनका एक बेटा तो लोगों ने छीन लिया। उनके दूसरे बेटे की जान को भी खतरा है, इस वजह से तत्कालीन डीएम से मिलकर पति के नाम लाइसेंस के लिए गुहार लगाई थी। वहां से आश्वासन मिला था, लेकिन एक साल से वह अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, अखिलेश देवी ने साफ कर दिया कि उन्हें हर हाल में शस्त्र लाइसेंस चाहिए। या तो उन्हें लाइसेंस मिलेगा या फिर वह डीएम की गाड़ी से कुचल कर जान दे देगी। महिला जिला अस्पताल से बाहर निकल कर बैंच पर बैठ गई, महिला पुलिसकर्मियों ने भी काफी समझाया गया, लेकिन महिला लाइसेंस दिलाने की जिद पकड़े हुए थी। महिला की निगरानी के लिए जिला अस्पताल में महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
कार्यालय में ही छिपा दी दवा
महिला से जब पूछा गया कि आखिर उसने क्या खाया और शीशी आदि कहां पर फेंकी, तो महिला ने बताया कि उसने कार्यालय के बाहर ही दवा खाई। वहीं पर एक स्थान पर सब्जी में लगाई जाने वाली कीटनाशक को छिपा भी दिया है। जब जगह के बारे में पूछा गया तो वह कुछ भी बताने को तैयार नहीं हुई।
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नगला कुशल की रहने वाली अखिलेश देवी जिला अस्पताल में आने के बाद बेहद परेशान थीं। उनका कहना है कि उनका एक बेटा तो लोगों ने छीन लिया। उनके दूसरे बेटे की जान को भी खतरा है, इस वजह से तत्कालीन डीएम से मिलकर पति के नाम लाइसेंस के लिए गुहार लगाई थी। वहां से आश्वासन मिला था, लेकिन एक साल से वह अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, अखिलेश देवी ने साफ कर दिया कि उन्हें हर हाल में शस्त्र लाइसेंस चाहिए। या तो उन्हें लाइसेंस मिलेगा या फिर वह डीएम की गाड़ी से कुचल कर जान दे देगी। महिला जिला अस्पताल से बाहर निकल कर बैंच पर बैठ गई, महिला पुलिसकर्मियों ने भी काफी समझाया गया, लेकिन महिला लाइसेंस दिलाने की जिद पकड़े हुए थी। महिला की निगरानी के लिए जिला अस्पताल में महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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कार्यालय में ही छिपा दी दवा
महिला से जब पूछा गया कि आखिर उसने क्या खाया और शीशी आदि कहां पर फेंकी, तो महिला ने बताया कि उसने कार्यालय के बाहर ही दवा खाई। वहीं पर एक स्थान पर सब्जी में लगाई जाने वाली कीटनाशक को छिपा भी दिया है। जब जगह के बारे में पूछा गया तो वह कुछ भी बताने को तैयार नहीं हुई।
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