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हैदराबाद के छात्रों को मिली समाजसेवा की प्रेरणा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Mon, 08 Feb 2016 01:49 AM IST
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सच्ची सेवा क्या होती है, रामलाल वृद्धाश्रम, कैलाश में उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद के रोडा मिस्ट्री कालेज ऑफ सोशल वर्क एंड रिसर्च सेंटर के छात्रों ने सीखा। शैक्षणिक भ्रमण पर दो शिक्षकों समेत 19 छात्रों ने यहां सात दिन गुजारे। वृद्धों और गाय की सेवा के अलावा अन्य प्रकल्पों को भी ध्यान से देखा। सात दिवसीय दौरे में छात्रों ने मूक बधिर स्कूल, डा. बीआरए विश्वविद्यालय, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय, मातृ छाया का भी भ्रमण किया। रविवार को विदाई समारोह के दौरान आश्रम के मुख्य संरक्षक अशोक जैन सीए ने बताया कि यहां 155 बुजुर्ग और 176 गायों की सेवा हो रही है। शिक्षक नरेंद्र रेड्डी और सुप्रिया ने आश्रम की व्यवस्थाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। आश्रम के कामकाज में हाथ बटाने वाली छात्रा पूजा को दो हजार रुपये भी उपहार स्वरूप दिए। आश्रम अध्यक्ष शिवप्रसाद शर्मा ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में सुरेश चंद्र गर्ग, संदेश जैन, नंदकिशोर शर्मा आदि उपस्थित रहे।
रोहित की आत्महत्या को जानबूझकर बनाया मुद्दा
- रोहित की आत्महत्या को जानबूझकर मुद्दा बनाया गया। दलित प्रेम नहीं सिर्फ राजनीति करना ही मकसद था। ये बातें टूर में आए छात्र राजू ने कहीं। उनका कहना था कि अभी समाज में जाति भेदभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ लेकिन हालात ऐसे भी नहीं जैसे पेश किए गए। उन्होंने ऐसी राजनीति से छात्रों का नुकसान होने की बात कही।
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- रोहित की आत्महत्या को जानबूझकर मुद्दा बनाया गया। दलित प्रेम नहीं सिर्फ राजनीति करना ही मकसद था। ये बातें टूर में आए छात्र राजू ने कहीं। उनका कहना था कि अभी समाज में जाति भेदभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ लेकिन हालात ऐसे भी नहीं जैसे पेश किए गए। उन्होंने ऐसी राजनीति से छात्रों का नुकसान होने की बात कही।
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