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हत्यारे दंपती को आजीवन कारावास की सजा
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मैनपुरी। थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव नगला धुरा में छह साल पहले घर में घुसकर एक महिला की जलाकर हत्या करने वाले दंपती को स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 37-37 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने केे बाद दंपती को जेल भेज दिया गया है।
थाना एलाऊ क्षेत्र के नगला धुरा निवासी अमर सिंह 12 फरवरी 2016 को अपनी पुत्री सोनी को दवा दिलाने सैफई मेडिकल कॉलेज गए थे। घर पर उनकी पत्नी रेखा देवी अकेली थी। तभी गांव के मौर सिंह और उनकी पत्नी रानी ने घर में घुसकर रेखा पर मिट्टी का तेल डालकर उसकी जलाकर हत्या कर दी। अमर सिंह ने दंपती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मौरसिंह और रानी को जेल भेजकर जांच करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने दंपती केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर दंपती को महिला की जलाकर हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी रोहित शुक्ला और विक्रम सिंह कश्यप ने अभियोजन की पैरवी करके दंपती को कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने दंपती को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 37-37 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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बच्चों के विवाद में की थी हत्या
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में अमर सिंह तथा सोनी ने गवाही दी। उन्होंने गवाही में बताया कि अमर सिंह तथा मौर सिंह के बच्चों के बीच विवाद हो गया था। जिसे गांव के लोगों ने शांत करा दिया था। रेखादेवी को घर में अकेला पाकर मौर सिंह और रानी ने उनकी जलाकर हत्या कर दी।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
मौरसिंह और रानी को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उनकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उनको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। मंगलवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
आश्रित को मिलेंगे 37 हजार रुपये
हत्यारोपी दंपती पर 37-37 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट मोहर्रिर योगेश तोमर ने बताया कि स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से आधी धनराशि मृतका के निकटतम आश्रित को दी जाएगी। रेखादेवी के आश्रित को 37 हजार रुपये दिए जाएंगे।
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थाना एलाऊ क्षेत्र के नगला धुरा निवासी अमर सिंह 12 फरवरी 2016 को अपनी पुत्री सोनी को दवा दिलाने सैफई मेडिकल कॉलेज गए थे। घर पर उनकी पत्नी रेखा देवी अकेली थी। तभी गांव के मौर सिंह और उनकी पत्नी रानी ने घर में घुसकर रेखा पर मिट्टी का तेल डालकर उसकी जलाकर हत्या कर दी। अमर सिंह ने दंपती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मौरसिंह और रानी को जेल भेजकर जांच करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने दंपती केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर दंपती को महिला की जलाकर हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी रोहित शुक्ला और विक्रम सिंह कश्यप ने अभियोजन की पैरवी करके दंपती को कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने दंपती को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 37-37 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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बच्चों के विवाद में की थी हत्या
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में अमर सिंह तथा सोनी ने गवाही दी। उन्होंने गवाही में बताया कि अमर सिंह तथा मौर सिंह के बच्चों के बीच विवाद हो गया था। जिसे गांव के लोगों ने शांत करा दिया था। रेखादेवी को घर में अकेला पाकर मौर सिंह और रानी ने उनकी जलाकर हत्या कर दी।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
मौरसिंह और रानी को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उनकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उनको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। मंगलवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
आश्रित को मिलेंगे 37 हजार रुपये
हत्यारोपी दंपती पर 37-37 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट मोहर्रिर योगेश तोमर ने बताया कि स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से आधी धनराशि मृतका के निकटतम आश्रित को दी जाएगी। रेखादेवी के आश्रित को 37 हजार रुपये दिए जाएंगे।