{"_id":"66b59f5e54b3288f7e074957","slug":"husband-died-in-a-road-accident-wife-had-filed-a-petition-now-sons-will-get-rs-40-25-lakh-2024-08-09","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Agra News: सड़क हादसे में पति की मौत, पत्नी ने दायर की थी याचिका...अब बेटों को मिलेंगे 40.25 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: सड़क हादसे में पति की मौत, पत्नी ने दायर की थी याचिका...अब बेटों को मिलेंगे 40.25 लाख रुपये
Fri, 09 Aug 2024 10:17 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 09 Aug 2024 10:17 AM IST
सार
आगरा में हुए एक सड़क हादसे में पति की मौत के बाद पत्नी ने कोर्ट में भरण पोषण के लिए याचिका दायर की थी। चार साल बाद पत्नी की भी मौत हो गई। अब अदालत ने दंपती के बच्चों को 40.25 लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
court new
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में सड़क हादसे में पति की मौत के बाद पत्नी ने बच्चों के भरण पोषण के लिए अदालत में याचिका दायर की। चार साल बाद पत्नी की भी मौत हो गई। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी नरेंद्र कुमार पांडेय ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 40.25 लाख रुपये उनके बेटे नरेंद्र कुमार, धीरेंद्र कुमार और धर्मेंद्र कुमार को दिलाने के आदेश किए।
विज्ञापन
अदालत तीरथ देवी ने याचिका दायर की थी। बताया कि उनके पति रामहर्ष एमईएस लखनऊ में पंप ऑपरेटर थे। 24 मार्च 2017 को सड़क हादसे में घायल फिर अस्पताल में मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसे तय होती है मुआवजे की रकम
मोटर दुर्घटना अधिनियम के तहत मृतक के मुआवजा के संबंध में न्यायालय मृतक की उम्र, उसकी आय के स्रोत और उस पर निर्भर रहने वाले सदस्यों की संख्या के आधार पर मुआवजा तय करता है। सरकारी कर्मचारियों का सैलरी, व्यापारियों का आय की कमाई से भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए 25 से 30 प्रतिशत जोड़ते हैं। ऐसे मृतक जिनकी आय का कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। उसे 200 रुपये प्रतिदिन की आय का साधन मानते हुए मुआवजे की धनराशि दी जाती है।
मोटर दुर्घटना अधिनियम के तहत मृतक के मुआवजा के संबंध में न्यायालय मृतक की उम्र, उसकी आय के स्रोत और उस पर निर्भर रहने वाले सदस्यों की संख्या के आधार पर मुआवजा तय करता है। सरकारी कर्मचारियों का सैलरी, व्यापारियों का आय की कमाई से भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए 25 से 30 प्रतिशत जोड़ते हैं। ऐसे मृतक जिनकी आय का कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। उसे 200 रुपये प्रतिदिन की आय का साधन मानते हुए मुआवजे की धनराशि दी जाती है।