{"_id":"627aa78fd8b08f0a8f256c8d","slug":"how-to-get-rid-of-dengue-with-the-help-of-mere-awareness-mainpuri-news-agr533086932","type":"story","status":"publish","title_hn":"मात्र जागरूकता के सहारे कैसे डेंगू से मिलेगी निजात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मात्र जागरूकता के सहारे कैसे डेंगू से मिलेगी निजात
विज्ञापन
रमईहार में स्कूल के पास भरा पानी
- फोटो : MAINPURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। जिले में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए कागजों में ही जागरूकता अभियान दिखाई दे रहा है। धरातल पर न तो सफाई नजर आ रही है, न ही जलभराव की निकासी की कोई तैयारी है। यही हाल रहा तो इस बार पिछले साल (वर्ष 2021) से भी अधिक गंभीर स्थिति होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
पिछले साल जिले में डेंगू तेजी के साथ फैला था। शहर के कई प्रमुख मोहल्लों के साथ ही कई गांव में डेंगू के मरीज मिले थे। डेंगू से लोगों की मौतें भी हुई थी। इस साल डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पिछले दो महीने से जागरूकता अभियान चला रहा है। लेकिन धरातल पर इस अभियान का कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है।
न तो कहीं दवा डाली गई है और न ही कहीं पर पानी की निकासी की व्यवस्था की गई है। जिससे डेंगू से बचाव की उम्मीद नहीं दिख रही है। यदि इसी प्रकार से रोकथाम के उपाय किए गए तो इस साल पिछले साल से भी अधिक डेंगू के मरीज होंगे जिसे रोक पाना स्वास्थ्य विभाग के लिए आसान नहीं होगा। शहर की यदि बात करें तो शहर के कई मोहल्लों में वर्तमान समय में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। स्कूलों और घरों के पास पानी एकत्रित हो रहा है।
विज्ञापन
वर्ष 2021 में शहर के मोहल्ला शिवलाल, रमईहार, नगला पजाबा, संसारपुर, सिकंदरपुर, राजा का बाग, नगला रते, नगला निरंजन, चांदेश्वर रोड, शीतला धाम, यदुवंश नगर आदि क्षेत्रों में बड़ी संख्या में डेंगू के मरीज मिले थे। लेकिन पिछले साल के संकट के बाद भी नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
यहां परिषदीय स्कूल के पास पानी एकत्रित हो गया है। पानी की निकासी न होने के कारण जलभराव तालाब का रूप धारण कर चुका है। न तो नगर पालिका प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान है और न ही जिला प्रशासन का। विद्यालय के पास जलभराव किसी भी समय बच्चों को डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारी की चपेट में ले सकता है।
रमईहार वार्ड की बात करें तो जगह-जगह गंदगी और जलभराव है। सड़क के किनारे तालाब की वर्षों से सफाई नहीं कराई गई है जिससे यहां तालाब में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। यहां किसी भी समय डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारी फैल सकती है।
शहर के मोहल्ला राजा का बाग में पिछले साल कई डेंगू के मरीज मिले थे। यहां कई स्थानों पर नालियों का निर्माण न होने के कारण खाली प्लाटों में जलभराव हो रहा है। जिससे यहां गंदगी फैल रही है। यह गंदगी किसी भी समय डेंगू और मलेरिया के मरीज बढ़ा सकती है। नगर पालिका प्रशासन जानकारी होने के बाद भी यहां जल निकासी पर ध्यान नहीं दे रहा है।
मोहल्ला शिवलाल में घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था न होने कारण जगह-जगह खाली प्लाटों में पानी एकत्रित हो रहा है। यह पानी मोहल्ले के लोगों को किसी भी समय बीमारियों की चपेट में ले सकता है। नगर पालिका प्रशासन बार-बार जानकारी दिए जाने के बाद भी यहां पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं करा रहा है।
शहर के सभी वार्डों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। सफाई इंस्पेक्टरों को जलभराव वाले स्थानों पर दवा का छिड़काव कराने को कहा गया है।
लालचंद भारती, ईओ, नगर पालिका
विज्ञापन
पिछले साल जिले में डेंगू तेजी के साथ फैला था। शहर के कई प्रमुख मोहल्लों के साथ ही कई गांव में डेंगू के मरीज मिले थे। डेंगू से लोगों की मौतें भी हुई थी। इस साल डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पिछले दो महीने से जागरूकता अभियान चला रहा है। लेकिन धरातल पर इस अभियान का कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन
न तो कहीं दवा डाली गई है और न ही कहीं पर पानी की निकासी की व्यवस्था की गई है। जिससे डेंगू से बचाव की उम्मीद नहीं दिख रही है। यदि इसी प्रकार से रोकथाम के उपाय किए गए तो इस साल पिछले साल से भी अधिक डेंगू के मरीज होंगे जिसे रोक पाना स्वास्थ्य विभाग के लिए आसान नहीं होगा। शहर की यदि बात करें तो शहर के कई मोहल्लों में वर्तमान समय में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। स्कूलों और घरों के पास पानी एकत्रित हो रहा है।
विज्ञापन
वर्ष 2021 में शहर के मोहल्ला शिवलाल, रमईहार, नगला पजाबा, संसारपुर, सिकंदरपुर, राजा का बाग, नगला रते, नगला निरंजन, चांदेश्वर रोड, शीतला धाम, यदुवंश नगर आदि क्षेत्रों में बड़ी संख्या में डेंगू के मरीज मिले थे। लेकिन पिछले साल के संकट के बाद भी नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
यहां परिषदीय स्कूल के पास पानी एकत्रित हो गया है। पानी की निकासी न होने के कारण जलभराव तालाब का रूप धारण कर चुका है। न तो नगर पालिका प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान है और न ही जिला प्रशासन का। विद्यालय के पास जलभराव किसी भी समय बच्चों को डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारी की चपेट में ले सकता है।
रमईहार वार्ड की बात करें तो जगह-जगह गंदगी और जलभराव है। सड़क के किनारे तालाब की वर्षों से सफाई नहीं कराई गई है जिससे यहां तालाब में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। यहां किसी भी समय डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारी फैल सकती है।
शहर के मोहल्ला राजा का बाग में पिछले साल कई डेंगू के मरीज मिले थे। यहां कई स्थानों पर नालियों का निर्माण न होने के कारण खाली प्लाटों में जलभराव हो रहा है। जिससे यहां गंदगी फैल रही है। यह गंदगी किसी भी समय डेंगू और मलेरिया के मरीज बढ़ा सकती है। नगर पालिका प्रशासन जानकारी होने के बाद भी यहां जल निकासी पर ध्यान नहीं दे रहा है।
मोहल्ला शिवलाल में घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था न होने कारण जगह-जगह खाली प्लाटों में पानी एकत्रित हो रहा है। यह पानी मोहल्ले के लोगों को किसी भी समय बीमारियों की चपेट में ले सकता है। नगर पालिका प्रशासन बार-बार जानकारी दिए जाने के बाद भी यहां पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं करा रहा है।
शहर के सभी वार्डों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। सफाई इंस्पेक्टरों को जलभराव वाले स्थानों पर दवा का छिड़काव कराने को कहा गया है।
लालचंद भारती, ईओ, नगर पालिका