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गर्भवती को कैसे मिले पोषण, योजना पर जांच का ब्रेक
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फिरोजाबाद। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में फर्जीवाड़े की जांच का ब्रेक लग गया है। गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली धनराशि पर फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों पर शिकंजा तो कसा नहीं गया। बल्कि जांच के नाम पर योजना पर करीब पांच माह से गर्भवती महिलाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
काम करने वाली महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की भरपाई करने के लिए मुआवजा देना और उनके उचित आराम और पोषण को सुनिश्चित कराने के लिए प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की शुरुआत की गई थी। इसमें तीन किस्तों में पांच हजार रुपये की धनराशि गर्भवती महिलाओं के खाते दी जाती थी। फरवरी में इस योजना में फर्जीवाड़ा सामने आया था। इसमें अपात्रों के खातों में धनराशि भेजी गई थी। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों की मिलीभगत नजर आई थी। इसलिए जांच के नाम पर शहरी क्षेत्र में फरवरी माह से योजना पर रोक लगा दी गई थी। जिम्मेदारों ने जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। चार महीने में जांच पूरी नहीं हो सकी है। इसका खामियाजा गर्भवती महिलाओं की सेहत पर भी पड़ रहा है। शहरी क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं के आवेदन प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत नहीं हो पा रहे हैं। आशाएं भी योजना शुरू होने की जानकारी करने के लिए जिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में जांच चल रही है। हमने किसी योजना को नहीं रोका है। जो आईडी बंद की गई थी, उनके स्थान पर नई आईडी बनाने के निर्देश दिए थे। मैं नोडल अधिकारी से जानकारी करती हूं कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे।
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डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ
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काम करने वाली महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की भरपाई करने के लिए मुआवजा देना और उनके उचित आराम और पोषण को सुनिश्चित कराने के लिए प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की शुरुआत की गई थी। इसमें तीन किस्तों में पांच हजार रुपये की धनराशि गर्भवती महिलाओं के खाते दी जाती थी। फरवरी में इस योजना में फर्जीवाड़ा सामने आया था। इसमें अपात्रों के खातों में धनराशि भेजी गई थी। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों की मिलीभगत नजर आई थी। इसलिए जांच के नाम पर शहरी क्षेत्र में फरवरी माह से योजना पर रोक लगा दी गई थी। जिम्मेदारों ने जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। चार महीने में जांच पूरी नहीं हो सकी है। इसका खामियाजा गर्भवती महिलाओं की सेहत पर भी पड़ रहा है। शहरी क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं के आवेदन प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत नहीं हो पा रहे हैं। आशाएं भी योजना शुरू होने की जानकारी करने के लिए जिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं।
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प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में जांच चल रही है। हमने किसी योजना को नहीं रोका है। जो आईडी बंद की गई थी, उनके स्थान पर नई आईडी बनाने के निर्देश दिए थे। मैं नोडल अधिकारी से जानकारी करती हूं कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे।
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डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ