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Agra News: कैसे मिले बेहतर शिक्षा जब शिक्षक ही नहीं हैं तैनात
Sun, 16 Jun 2024 12:17 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 16 Jun 2024 12:17 AM IST
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मैनपुरी। राजकीय कॉलेजों का बुरा हाल है। यहां शिक्षकों की मानक के अनुसार तैनाती न होने से लगातार छात्र संख्या घट रही है। विशेषज्ञ शिक्षकों की तैनाती न होने के कारण राजकीय कॉलेजों से छात्र पलायन करते जा रहे हैं। जिले में 22 राजकीय कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। ग्रामीण अंचल तो छोड़ो शहर के राजकीय कॉलेजों मे भी शिक्षकों की कमी चल रही है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज आगरा रोड मैनपुरी, राजकीय बालिका इंटर काॅलेज देवी रोड मैनपुरी में विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे विषय के लिए शिक्षक नहीं है। ऐसे में यहां छात्र संख्या लगातार कम होती जा रही है।
जिले के राजकीय कॉलेजों में शिक्षकों पर नजर डालें तो पता चलता है कि यहां 22 में से प्रधानाचार्य के 12 पद रिक्त चल रहे हैं। प्रवक्ता की बात करें तो जिले में 43 पदों के सापेक्ष मात्र 10 पुरुष प्रवक्ताओं की तैनाती है 33 पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं महिला प्रवक्ता के 55 पद सृजित हैं इनमें से मात्र 17 की तैनाती है 48 पद रिक्त चल रहे हैं।
सहायक अध्यापकों की बात करें तो जिले में 68 पुरुष सहायक अध्यापकों की तैनाती है इनमें 36 की तैनाती है 32 पद रिक्त चल रहे हैं। महिला सहायक अध्यापकों की बात करें तो 111 पदों के सापेक्ष 49 की तैनाती है जबकि 62 पद रिक्त चल रहे हैं।
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पिछले सत्र में बेसिक शिक्षा विभाग से लेनी पड़ी थी मदद
शिक्षा सत्र 2023-24 में राजकीय काॅलेजों में शिक्षकों की कमी के कारण बड़ी समस्या आई थी। बोर्ड परीक्षार्थियों का प्रयोगात्मक कार्य कराने तक के लिए शिक्षक नहीं थे। ऐसे में प्रधानाचार्यों की मांग पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने बेसिक शिक्षा विभाग से विज्ञान के शिक्षकों को नजदीकी राजकीय कॉलेजों में विज्ञान शिक्षा और प्रयोगात्मक शिक्षा के लिए मदद मांगी थी।
शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में शासन को पत्र लिखा गया है। जिले में छात्र संख्या के अनुसार अस्थाई रूप से शिक्षकों की तैनाती कर व्यवस्थाएं संभालने का कार्य किया जा रहा है। - अजय कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
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जिले के राजकीय कॉलेजों में शिक्षकों पर नजर डालें तो पता चलता है कि यहां 22 में से प्रधानाचार्य के 12 पद रिक्त चल रहे हैं। प्रवक्ता की बात करें तो जिले में 43 पदों के सापेक्ष मात्र 10 पुरुष प्रवक्ताओं की तैनाती है 33 पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं महिला प्रवक्ता के 55 पद सृजित हैं इनमें से मात्र 17 की तैनाती है 48 पद रिक्त चल रहे हैं।
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सहायक अध्यापकों की बात करें तो जिले में 68 पुरुष सहायक अध्यापकों की तैनाती है इनमें 36 की तैनाती है 32 पद रिक्त चल रहे हैं। महिला सहायक अध्यापकों की बात करें तो 111 पदों के सापेक्ष 49 की तैनाती है जबकि 62 पद रिक्त चल रहे हैं।
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पिछले सत्र में बेसिक शिक्षा विभाग से लेनी पड़ी थी मदद
शिक्षा सत्र 2023-24 में राजकीय काॅलेजों में शिक्षकों की कमी के कारण बड़ी समस्या आई थी। बोर्ड परीक्षार्थियों का प्रयोगात्मक कार्य कराने तक के लिए शिक्षक नहीं थे। ऐसे में प्रधानाचार्यों की मांग पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने बेसिक शिक्षा विभाग से विज्ञान के शिक्षकों को नजदीकी राजकीय कॉलेजों में विज्ञान शिक्षा और प्रयोगात्मक शिक्षा के लिए मदद मांगी थी।
शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में शासन को पत्र लिखा गया है। जिले में छात्र संख्या के अनुसार अस्थाई रूप से शिक्षकों की तैनाती कर व्यवस्थाएं संभालने का कार्य किया जा रहा है। - अजय कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक