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कमीशन का काला धंधा: 15 डॉक्टरों के नाम पर रजिस्टर्ड 449 अस्पताल, इलाज कर रहे झोलाछाप, मरीजों की जान से खिलवाड़

Thu, 22 Jun 2023 11:31 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 22 Jun 2023 11:31 AM IST
सार

आगरा में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर कमीशन का काला धंधा चल रहा है। यहां 15 डॉक्टरों के नाम पर 449 अस्पताल रजिस्टर्ड हैं। लेकिन इलाज झोलाछाप कर रहे हैं। यहां सरेआम मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। 

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Hospitals registered in name of doctors in Agra but treatment giving quacks
Agra News : कमीशन का काला धंधा: 15 डॉक्टरों के नाम पर रजिस्टर्ड 449 अस्पताल - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक-एक डॉक्टर के नाम पर कई अस्पताल चल रहे हैं। यहां मरीजों से सौदा किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच में 30 अस्पतालों में पर्चे और बीएचटी (बेड हेड टिकट) पर डॉक्टरों के हस्ताक्षर नहीं मिले हैं। इनमें झोलाछाप, मरीजों का इलाज कर रहे हैं। अब इनसे सीसीटीवी फुटेज मांगी जा रही है।

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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ मुख्यालय के पोर्टल में 15 चिकित्सकों के नाम से 449 अस्पताल पंजीकृत पाए गए हैं। इनमें आगरा में करीब 50 और आसपास के जिलों में 400 अस्पताल पंजीकृत हैं। नोटिस के बाद अस्पताल संचालकों ने रिकॉर्ड उपलब्ध कराए हैं। इनकी जांच करने पर 30 अस्पतालों में मरीजों की बीएचटी, डॉक्टर के पर्चे, पैथोलॉजी रिपोर्ट पर हस्ताक्षर का मिलान नहीं हुआ है। ऐसे में इनमें झोलाछाप के इलाज करने का शक है।
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अस्पताल संचालकों से बीते तीन महीने में इलाज पाने वाले मरीजों का नाम, पता, फोन नंबर, इनकी दवा, जांच और अन्य के पर्चे, डॉक्टर के चैंबर-ऑपरेशन थिएटर समेत अन्य चिकित्सकीय कक्ष में चिकित्सकीय सेवाएं देते सीसीटीवी फुटेज आदि मांगे गए हैं। इसके आधार पर कार्रवाई करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

साझेदारी और एकमुश्त में डिग्री से सौदेबाजी

अपने नाम और डिग्री से अस्पताल खुलवाने में कमीशन, साझेदारी और हर महीने एकमुश्त रुपये तय हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह भी सामने आया है। इसमें शहर और नजदीकी जिलों के अस्पताल में साझेदारी है, जिसमें संबंधित डॉक्टर सप्ताह में एक-दो दिन विजिट करते हैं। बाकी के दिनों में नॉन क्वालीफाइड चिकित्सकीय सेवाएं देते हैं। औसतन हर महीने एक से डेढ़ लाख रुपये महीने डॉक्टर को मिल रहे हैं।

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व्यवसायी बने डॉक्टरों पर हो कार्रवाई

आईएमए अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव का कहना है कि इलाज के नाम पर मरीजों के भरोसे को तोड़ने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाए। आईएमए भी ऐसे डॉक्टरों पर सख्त है। इनकी सदस्यता निलंबित करने के लिए यूपी आईएमए को पत्र लिखा है।

स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण की स्थिति-

  • 1269-  चिकित्सकीय संस्थान
  • 494-  अस्पताल
  • 493-  क्लीनिक
  • 170-  पैथोलॉजी
  • 104-  डायग्नोस्टिक सेंटर
  • 07-  कलेक्शन सेंटर
  • 01-  डायलिसिस सेंटर
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