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हनीट्रैप: गैंग तक पहुंचने के लिए सर्विलांस सक्रिय, आगरा साइबर सेल की मदद से पकड़ेंगे अपराधी
Wed, 09 Jun 2021 12:38 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 09 Jun 2021 12:38 AM IST
सार
हनीट्रैप मामले की शिकायतों की तहकीकात करते-करते अपर पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार वर्मा स्वयं गैंग का शिकार हुए। एएसपी से न केवल हनीट्रैप गैंग ने तीस हजार रुपये की मांग की, बल्कि उन्हें वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हनीट्रैप मामले में कासगंज पुलिस टीम जांच में जुटी हैं। सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर (क्राइम) मामले की विवेचना कर रहे हैं। साइबर सेल आगरा से इस मामले में मदद ली जा रही है। इंस्पेक्टर जरूरी साक्ष्यों को लेकर आगरा रवाना हुए। वहां पहुंचकर साइबर सेल की टीम से मुलाकात की और जांच में मदद मांगी। कासगंज की सर्विलांस टीम भी हनीट्रैप गैंग तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
हनीट्रैप मामले की शिकायतों की तहकीकात करते-करते अपर पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार वर्मा स्वयं गैंग का शिकार हुए। एएसपी से न केवल हनीट्रैप गैंग ने रुपये की मांग की, बल्कि उन्हें वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी। एएसपी ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईटीएक्ट और आईपीसी की धाराओं में मामला पंजीकृत कराया है। स्वयं एएसपी मामले का पर्यवेक्षण कर रहे हैं।
रुपये की हुई मांग
एएसपी आदित्य कुमार वर्मा ने बताया कि करीब दो माह पहले उन्हें कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि मोबाइल फोन पर वीडियो चैट के माध्यम से सेक्स का लालच देकर रुपये वसूले जा रहे हैं। इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए उन्होंने हनीट्रैप गैंग के सदस्यों को कॉल की। जिसमें दूसरे पक्ष द्वारा अश्लील करते हुए उन्हें भी अश्लील हरकत करने के लिए प्रेरित किया गया, लेकिन उनके द्वारा किसी भी हरकत का कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जो लोग गैंग के शिकार हो रहे सभी को जांच पड़ताल में शामिल किया जाएगा।
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एएसपी ने ने बताया कि उनके पास दो मोबाइल नंबरों से कॉल आईं। एक वॉयस कॉल थी, जिसमें उनसे तीस हजार रुपये की डिमांड की गई। धमकी दी गई कि आपका वीडियो बना लिया गया है, यदि रुपये नहीं दिए तो वीडियो यूट्यूब सहित अन्य सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। अपर पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार वर्मा ने सदर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया था।
संबंधित खबर: हनीट्रैप में फंसे पुलिस अफसर: गिरोह को पकड़ने के लिए की थी कॉल, खुद हो गए शिकार
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हनीट्रैप मामले की शिकायतों की तहकीकात करते-करते अपर पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार वर्मा स्वयं गैंग का शिकार हुए। एएसपी से न केवल हनीट्रैप गैंग ने रुपये की मांग की, बल्कि उन्हें वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी। एएसपी ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईटीएक्ट और आईपीसी की धाराओं में मामला पंजीकृत कराया है। स्वयं एएसपी मामले का पर्यवेक्षण कर रहे हैं।
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रुपये की हुई मांग
एएसपी आदित्य कुमार वर्मा ने बताया कि करीब दो माह पहले उन्हें कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि मोबाइल फोन पर वीडियो चैट के माध्यम से सेक्स का लालच देकर रुपये वसूले जा रहे हैं। इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए उन्होंने हनीट्रैप गैंग के सदस्यों को कॉल की। जिसमें दूसरे पक्ष द्वारा अश्लील करते हुए उन्हें भी अश्लील हरकत करने के लिए प्रेरित किया गया, लेकिन उनके द्वारा किसी भी हरकत का कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जो लोग गैंग के शिकार हो रहे सभी को जांच पड़ताल में शामिल किया जाएगा।
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एएसपी ने ने बताया कि उनके पास दो मोबाइल नंबरों से कॉल आईं। एक वॉयस कॉल थी, जिसमें उनसे तीस हजार रुपये की डिमांड की गई। धमकी दी गई कि आपका वीडियो बना लिया गया है, यदि रुपये नहीं दिए तो वीडियो यूट्यूब सहित अन्य सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। अपर पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार वर्मा ने सदर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया था।
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