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यातायात ड्यूटी से 25 होमगार्ड की होगी छुट्टी
यातायात ड्यूटी से 25 होमगार्ड की होगी छुट्टी
Updated Sat, 24 Dec 2016 01:31 AM IST
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Police
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शहर की यातायात व्यवस्था में ड्यूटी के दौरान लापरवाही और वसूली के आरोपों से घिरे होने के बावजूद 25 होमगार्ड करीब एक साल से ट्रैफिक लाइन में ड्यूटी दे रहे हैं। अब ऐसे होमगार्ड की छुट्टी करने की तैयारी कर ली गई है। ट्रैफिक पुलिस के डिफाल्टर कर्मियों की जांच के बाद यह बात सामने आई है।
नोएडा के व्यापारी से एक दिसंबर को सिरसागंज में दो सिपाहियों ने प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी बनकर 85 लाख रुपये लूट लिए थे। यह सिपाही आगरा ट्रैफिक पुलिस के थे। दोनों सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बता दें, शहर में ट्रैफिक पुलिस की वसूली की शिकायतें आम बात हैं। इसके अलावा ड्यूटी में भी लापरवाही बरतते हैं। ऐसे कर्मियों को हटाने की तैयारी की गई है। इसके लिए एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने सीओ ट्रैफिक राजेश कुमार द्विवेदी को जांच सौंपी है। जांच के दायरे में होमगार्ड भी हैं। यातायात लाइन से तकरीबन 140 होमगार्ड विभिन्न चौराहों पर ड्यूटी के लिए भेजे जाते हैं। जांच के दायरे में डिफाल्टर कर्मी हैं। 2015 और 2016 में अब तक तकरीबन 46 होमगार्ड की शिकायत मिली थी। इस पर होमगार्ड कमांडेंट को लिखा गया था। इस पर कमांडेंट ने होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई की। ऐसे होमगार्ड को दोबारा से ट्रैफिक ड्यूटी में नहीं लिया जाना चाहिए था। मगर, इनमें से 25 होमगार्ड फिर से ड्यूटी पर आ गए। एक साल से वह ड्यूटी भी कर रहे हैं। उनको हटाने के लिए एक रिपोर्ट एसएसपी को भेजी जा रही है। सीओ ट्रैफिक ने बताया कि 25 होमगार्ड को जल्द ही ट्रैफिक ड्यूटी से हटा दिया जाएगा।
सिपाही और टीएसआई पर भी जल्द गिरेगी गाज
वसूली की सबसे ज्यादा शिकायतें ट्रैफिक के सिपाही और टीएसआई की मिलती हैं। इसलिए सिपाही और टीएसआई की भी जांच की जा रही है। जिले में 12 टीएसआई, 178 सिपाही, 32 हेड कांस्टेबल हैं। जांच की जा रही है कि इनमें से डिफाल्टर तो नहीं था। अगर, डिफाल्टर हैं तो वह ड्यूटी कैसे कर रहे हैं। उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई की गई या नहीं। इस सबकी पड़ताल की जा रही है। डिफाल्टर कर्मियों को भी जल्द हटाया जाएगा।
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वसूली और लापरवाही की ज्यादा शिकायतें
ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही और वसूली शिकायतें ज्यादा मिलती हैं। दो साल में जिल के होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई की गई थी उनमें ज्यादातर वसूली के आरोपों से घिरे थे। इसके बाद कुछ होमगार्ड ने वसूली के चक्कर में अपने निर्धारित ड्यूटी स्थान से हटकर दूसरे स्थान पर ड्यूटी की। जांच में यह भी पता किया जा रहा है कि डिफाल्टर हो चुके होमगार्ड दोबारा से ड्यूटी पर कैसे लगा दिए गए।
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नोएडा के व्यापारी से एक दिसंबर को सिरसागंज में दो सिपाहियों ने प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी बनकर 85 लाख रुपये लूट लिए थे। यह सिपाही आगरा ट्रैफिक पुलिस के थे। दोनों सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बता दें, शहर में ट्रैफिक पुलिस की वसूली की शिकायतें आम बात हैं। इसके अलावा ड्यूटी में भी लापरवाही बरतते हैं। ऐसे कर्मियों को हटाने की तैयारी की गई है। इसके लिए एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने सीओ ट्रैफिक राजेश कुमार द्विवेदी को जांच सौंपी है। जांच के दायरे में होमगार्ड भी हैं। यातायात लाइन से तकरीबन 140 होमगार्ड विभिन्न चौराहों पर ड्यूटी के लिए भेजे जाते हैं। जांच के दायरे में डिफाल्टर कर्मी हैं। 2015 और 2016 में अब तक तकरीबन 46 होमगार्ड की शिकायत मिली थी। इस पर होमगार्ड कमांडेंट को लिखा गया था। इस पर कमांडेंट ने होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई की। ऐसे होमगार्ड को दोबारा से ट्रैफिक ड्यूटी में नहीं लिया जाना चाहिए था। मगर, इनमें से 25 होमगार्ड फिर से ड्यूटी पर आ गए। एक साल से वह ड्यूटी भी कर रहे हैं। उनको हटाने के लिए एक रिपोर्ट एसएसपी को भेजी जा रही है। सीओ ट्रैफिक ने बताया कि 25 होमगार्ड को जल्द ही ट्रैफिक ड्यूटी से हटा दिया जाएगा।
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सिपाही और टीएसआई पर भी जल्द गिरेगी गाज
वसूली की सबसे ज्यादा शिकायतें ट्रैफिक के सिपाही और टीएसआई की मिलती हैं। इसलिए सिपाही और टीएसआई की भी जांच की जा रही है। जिले में 12 टीएसआई, 178 सिपाही, 32 हेड कांस्टेबल हैं। जांच की जा रही है कि इनमें से डिफाल्टर तो नहीं था। अगर, डिफाल्टर हैं तो वह ड्यूटी कैसे कर रहे हैं। उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई की गई या नहीं। इस सबकी पड़ताल की जा रही है। डिफाल्टर कर्मियों को भी जल्द हटाया जाएगा।
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वसूली और लापरवाही की ज्यादा शिकायतें
ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही और वसूली शिकायतें ज्यादा मिलती हैं। दो साल में जिल के होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई की गई थी उनमें ज्यादातर वसूली के आरोपों से घिरे थे। इसके बाद कुछ होमगार्ड ने वसूली के चक्कर में अपने निर्धारित ड्यूटी स्थान से हटकर दूसरे स्थान पर ड्यूटी की। जांच में यह भी पता किया जा रहा है कि डिफाल्टर हो चुके होमगार्ड दोबारा से ड्यूटी पर कैसे लगा दिए गए।