फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   hindu muslim ekta smiti made for peace in nai ki mandi

सुलहकुल की नगरी में नजीर बना नाई की मंडी

Wed, 07 Jan 2015 02:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
ब्यूरो, अमर उजाला Updated Wed, 07 Jan 2015 02:05 AM IST
विज्ञापन
बवाल के दौरान पत्थर भले ही किसी को लगे, लेकिन इसकी आग में दोनों ही पक्षों को जलाना पड़ता है। आपसी सौहार्द को कायम रखने के लिए हिंदू और मुसलिमों ने एकता की मिसाल कायम करते हुए हिंदूृ-मुसलिम एकता समिति का गठन किया है। हर आयोजन से पहले होने वाली शांति कमेटी की बैठक में हर आपत्ति और विवाद पर पुलिस प्रशासन के साथ ही एकता समिति भी सुलह का रास्ता निकालेगी।
विज्ञापन


नाई की मंडी में स्थानीय लोगों और व्यापारियों की पहल पर हिंदूृ-मुसलिम एकता समिति गठित की गई। मंगलवार शाम को दुर्गा सत्संग भवन में बैठक हुई। इसमें दोनों समुदाय के लोग जुटे। 51 सदस्यीय समिति का गठन किया गया। यह सदस्य किसी भी आयोजन से पहले बैठक करेंगे। किसी क्षेत्र में कोई समस्या है तो उसे बताएंगे। आपसी सहमती से इसे खत्म करने के प्रयास होंगे। जरूरत पड़ी तो पुलिस प्रशासन की मदद भी ली जाएगी। अक्सर विवाद खड़ा करने वालों को भी चिह्नित करेंगे। समिति के दिनेश पचौरी ने बताया कि क्षेत्र में छोटे-बड़े 52 मोहल्ले हैं। इन सबसे ही सदस्य बनाए गए हैं। इसमें पूर्व पार्षद, सीनियर सिटीजन, व्यापारी और स्थानीय लोग आदि हैं। तकरीबन 250 सदस्य बनाने का प्रयास होगा। बैठक में विनोद शर्मा, अनिल गर्ग, आलोक अग्रवाल, अनिल गर्ग, अनुज शर्मा, नवेंदु खंडेलवाल, मनीष अग्रवाल, रघुनाथ प्रसाद, अमित जैन, संजय जैन, विकास सिंघल, पूर्व पार्षद यामीन वारसी, जहीरउद्दीन बाबर, सुहैल कुरैशी, डा. शब्बीर कादरी, अतीक उर रहमान अजमेरी, लाला भाई शामिल रहे।   
विज्ञापन


हिंदू व्यापारी की पैरवी में मुसलिम
नाई की मंडी पुलिस चौकी पर हुई बैठक के दौरान क्षेत्र के यामीन वारसी, डाक्टर एम शब्बीर कादरी ने कहा कि दोनों लोगोें को गलत पकड़ा गया है। व्यापारी हरिकिशन का नाम गलत तरीके से मुकदमे में लिखाया गया है। अगर, उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करती है तो मुसलिम व्यापारी भी धरने पर बैठ जाएंगे। किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। हमने तो रास्ता दिया है। अगर, असामाजिक तत्वों ने बवाल किया तो इसमें हमारा क्या कसूर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed