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पुलिस की करतूत से जेल में बीत गई बेकसूर युवक की जवानी, हाईकोर्ट में सामने आई सच्चाई
Fri, 06 Sep 2019 12:52 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 06 Sep 2019 12:52 PM IST
सार
बिना जांच गए अधिकारियों ने आत्महत्या के मामले को हत्या दर्शाया
उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई में मामला आत्महत्या का साबित हुआ
न्यायालय ने पीड़ित को किया बरी, आरोपी अफसरों पर कार्रवाई के आदेश
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : डेमो
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विस्तार
आगरा में पुलिसवालों की करतूत से एक बेकसूर को साढ़े 13 साल तक जेल में बंद रहना पड़ा। पीड़ित की अपील पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई तो पुलिसकर्मियों की करतूत सामने आई। पुलिस ने आत्महत्या के मामले को हत्या दर्शाया था। हाईकोर्ट ने सीओ, दरोगा पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
मामला थाना ताजगंज का है। यहां वर्ष 2006 में तैनात रहे दरोगा संजय जायसवाल, आरके मिश्रा और सीओ सदर राजेश कुमार पांडेय की लापरवाही से बसई खुर्द निवासी इंटीरियर डिजाइनर पंकज शर्मा उर्फ बॉबी (40) साढ़े 13 साल जेल में बंद है। अब उन्हें इंसाफ मिला है।
बॉबी सहित छह लोगों को बसपा नेता ध्रुव पाराशर के भाई ललित पाराशर की हत्या में सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पीड़ितों की अपील पर उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई में मामला आत्महत्या का साबित हुआ। न्यायालय ने सभी को बरी कर दिया है।
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मामला थाना ताजगंज का है। यहां वर्ष 2006 में तैनात रहे दरोगा संजय जायसवाल, आरके मिश्रा और सीओ सदर राजेश कुमार पांडेय की लापरवाही से बसई खुर्द निवासी इंटीरियर डिजाइनर पंकज शर्मा उर्फ बॉबी (40) साढ़े 13 साल जेल में बंद है। अब उन्हें इंसाफ मिला है।
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बॉबी सहित छह लोगों को बसपा नेता ध्रुव पाराशर के भाई ललित पाराशर की हत्या में सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पीड़ितों की अपील पर उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई में मामला आत्महत्या का साबित हुआ। न्यायालय ने सभी को बरी कर दिया है।
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मार्च 2006 में हुई थी मौत
ललित की मौत 22 मार्च 2006 को हुई थी। ध्रुव ने ताजगंज थाना में हत्या का केस दर्ज कराया। ललित के ससुर जगदीश प्रसाद शर्मा, सास शिवरानी, साले पंकज उर्फ बॉबी, राहुल शर्मा, अमित शर्मा, अनिल शर्मा, अन्य रिश्तेदार मूलचंद, विजय शर्मा को नामजद कराया।
इन पर पिस्टल से गोली मारकर हत्या का आरोप लगाया। सभी जेल भेजे गए। बॉबी को छोड़कर अन्य को जमानत मिल गई। छह अक्तूबर 2009 को शिवरानी और मूलचंद को छोड़कर अन्य को सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुना दी। ये लोग अपील में हाईकोर्ट गए।
इनकी पैरवी करने वाले वकील अकलंक जैन, वीपी सिंह धाकरे और जितेंद्र सिसौदिया ने बताया कि उच्च न्यायालय ने सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया। बॉबी साढ़े 13 साल से ही जेल में बंद है। वो जब जेल गया था, तब उसकी उम्र 27 साल थी, अब 40 है। विवेचना दरोगा संजय जायसवाल, आरके मिश्रा ने की। विवेचना का पर्यवेक्षण सीओ राजेश कुमार पांडेय ने किया।
ये भी पढ़ें: नए यातायात नियमों के खौफ से बढ़ी हेलमेट की बिक्री, 60 फीसदी तक का आया उछाल
इन पर पिस्टल से गोली मारकर हत्या का आरोप लगाया। सभी जेल भेजे गए। बॉबी को छोड़कर अन्य को जमानत मिल गई। छह अक्तूबर 2009 को शिवरानी और मूलचंद को छोड़कर अन्य को सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुना दी। ये लोग अपील में हाईकोर्ट गए।
इनकी पैरवी करने वाले वकील अकलंक जैन, वीपी सिंह धाकरे और जितेंद्र सिसौदिया ने बताया कि उच्च न्यायालय ने सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया। बॉबी साढ़े 13 साल से ही जेल में बंद है। वो जब जेल गया था, तब उसकी उम्र 27 साल थी, अब 40 है। विवेचना दरोगा संजय जायसवाल, आरके मिश्रा ने की। विवेचना का पर्यवेक्षण सीओ राजेश कुमार पांडेय ने किया।
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ताकि जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता बनी रहे
उच्च न्यायालय ने सीओ राजेश कुमार पांडेय और दरोगा संजय जायसवाल पर कार्रवाई कर चार माह में रिपोर्ट भेजने के आदेश एसएसपी को दिए हैं। आदेश के अनुपालन के लिए जिला जज, डीजीपी, आईजी को भी लिखा है। उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की है कि यह कार्रवाई इसलिए जरूरी है ताकि जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता बनी रहे।
डॉक्टर तक का बयान दर्ज नहीं किया
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विवेचक ने उस उपाध्याय नर्सिग होम के डॉक्टर तक का बयान दर्ज नहीं किया जिसने ललित पाराशर का उपचार किया था। जो ड्राइवर राजेंद्र थाने में मीमो (सूचना) ले गया, उसका भी बयान दर्ज नहीं किया गया। न घटनास्थल के आस पास के लोगों से बात की गई, न ही बॉबी की कॉल डिटेल निकलवाई।
डॉक्टर तक का बयान दर्ज नहीं किया
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विवेचक ने उस उपाध्याय नर्सिग होम के डॉक्टर तक का बयान दर्ज नहीं किया जिसने ललित पाराशर का उपचार किया था। जो ड्राइवर राजेंद्र थाने में मीमो (सूचना) ले गया, उसका भी बयान दर्ज नहीं किया गया। न घटनास्थल के आस पास के लोगों से बात की गई, न ही बॉबी की कॉल डिटेल निकलवाई।