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Agra: हाईकोर्ट ने यशवंत हॉस्पिटल के संचालन पर लगाई रोक, जानें क्या है वजह
Sat, 27 Jul 2024 09:34 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 27 Jul 2024 09:34 AM IST
सार
न्यू आगरा स्थित यशवंत हॉस्पिटल के संचालन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। जिला प्रशासन को जिम्मेदारी दी गई है कि किसी भी हाल में हॉस्पिटल का संचालन नहीं होना चाहिए।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उच्च न्यायालय, इलाहाबाद ने न्यू आगरा स्थित यशवंत हॉस्पिटल के संचालन पर रोक लगा दी है। संचालक की ओर से रिट याचिका डाली गई थी। आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को दी गई है।
सजनी अग्रवाल ने मंडलायुक्त से शिकायत की थी कि न्यू आगरा स्थित उनके भवन संख्या ए-45 में डॉ. सुरेंद्र सिंह अवैध रूप से नर्सिंग होम का संचालन कर रहे हैं। इस पर मंडलायुक्त ने एसआईटी से जांच कराई। यहां बिना मानचित्र स्वीकृत हुए रिहायशी इलाके में नर्सिंग होम का संचालन अवैध पाया गया।
इस पर आयुक्त ने एडीए, सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमओ ने 26 जून को हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त कर दिया लेकिन एडीए ने नर्सिंग होम को सील नहीं किया। इसी दौरान डॉ. सिंह ने हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के उपरांत 25 जुलाई को हाॅस्पिटल के संचालन पर रोक लगाने के आदेश दिए।
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इसमें हाईकोर्ट ने एडीए उपाध्यक्ष को स्वयं हलफनामा दाखिल करने के आदेश दिए। उनसे पूछा गया कि किन परिस्थितियों में सील करने के आदेश के बाद भी बिना मानचित्र पास किए रिहायशी इलाके में व्यावसायिक गतिविधियां चलती रहीं।
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सजनी अग्रवाल ने मंडलायुक्त से शिकायत की थी कि न्यू आगरा स्थित उनके भवन संख्या ए-45 में डॉ. सुरेंद्र सिंह अवैध रूप से नर्सिंग होम का संचालन कर रहे हैं। इस पर मंडलायुक्त ने एसआईटी से जांच कराई। यहां बिना मानचित्र स्वीकृत हुए रिहायशी इलाके में नर्सिंग होम का संचालन अवैध पाया गया।
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इस पर आयुक्त ने एडीए, सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमओ ने 26 जून को हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त कर दिया लेकिन एडीए ने नर्सिंग होम को सील नहीं किया। इसी दौरान डॉ. सिंह ने हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के उपरांत 25 जुलाई को हाॅस्पिटल के संचालन पर रोक लगाने के आदेश दिए।
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इसमें हाईकोर्ट ने एडीए उपाध्यक्ष को स्वयं हलफनामा दाखिल करने के आदेश दिए। उनसे पूछा गया कि किन परिस्थितियों में सील करने के आदेश के बाद भी बिना मानचित्र पास किए रिहायशी इलाके में व्यावसायिक गतिविधियां चलती रहीं।