Mathura Case: श्रीकृष्ण जन्मस्थान की विवादित संपत्ति पर ट्रस्ट के स्वामित्व का दावा, आज रंजना अग्निहोत्री के वाद पर सुनवाई
श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह प्रकरण में लॉ की छात्राओं द्वारा दायर प्रार्थनापत्र पर बुधवार को अदालत में सुनवाई हुई। जिला जज की अदालत में अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह और विधि की छात्राओं ने प्रार्थना पत्र देकर शाही ईदगाह को हटाने और कमीशन गठित करने की मांग की थी। इस मामले में अगली सुनवाई 31 मई को होगी। आज रंजना अग्निहोत्री वाद पर सुनवाई होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वर्ष 1997 में हाईकोर्ट के एक आदेश में मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि की वर्तमान में विवादित संपत्ति पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट का मालिकाना हक माना गया है। लिहाजा श्रीकृष्ण जन्मभूमि संस्थान और ईदगाह कमेटी के मध्य किया गया समझौता कोई मायने नहीं रखता। यह बात इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने एडीजे सप्तम के समक्ष कही। उन्होंने हाईकोर्ट के उक्त आदेश को भी अदालत के समक्ष रखा। आज रंजना अग्निहोत्री वाद पर सुनवाई होगा।
बता दें कि 17 मई को विधि छात्राओं व अधिवक्ताओें ने अदालत से प्रार्थना की थी कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान की संपत्ति पर ही ईदगाह खड़ी है, उसे वहां से हटाकर उक्त जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर ट्रस्ट को सुपुर्द कर दिया जाए। अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने केस के साथ सीपीसी की धारा 92 में एक प्रार्थनापत्र जिला जज की अदालत में दाखिल किया था, जिसमें उन्होंने मांग की है कि श्री कृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के समस्त मुकदमे एकीकृत किए जाएं। बुधवार को अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 31 मई तय की है।
क्या है हाईकोर्ट का आदेश
अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 1996 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सोसाइटी हाईकोर्ट गई और उसने उक्त संपत्ति पर मालिकाना हक जताया। हाईकोर्ट ने 23 सिंतबर 1997 में दिए आदेश में कहा कि उक्त संपत्ति पर मालिकाना हक श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट का है, सोसाइटी का नहीं है।
रंजना अग्निहोत्री के वाद पर बृहस्पतिवार को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री के केस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। जिला जज की अदालत में पक्षकार रंजना अग्निहोत्री ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान तथा शाही ईदगाह के बीच हुए समझौते को चुनौती दी है तथा इसकी डिक्री रद्द करने की मांग अदालत से की है।
बाहरी लोगों ने दाखिल किए हैं केस : तनवीर
शाही ईदगाह कमेटी के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि वर्ष 1968 से लेकर अब तक न तो स्थानीय व्यक्ति ने ईदगाह को लेकर कोई आपत्ति दर्ज कराई और न ही किसी बाहर के व्यक्ति ने इस पर विरोध व्यक्त किया। अब सितंबर 2020 में बाहरी व्यक्तिओं ने आकर अदालत के माध्यम से विवाद पैदा किया है। अभी भी दावा करने वाले अधिकांश लोग बाहर के हैं। जिनके द्वारा मथुरा का माहौल खराब किया जा रहा है।
हिंदू महासभा के कोषाध्यक्ष बोले- मुझे है जान को खतरा
अखिल भारत हिंदू महासभा के कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने डीएम व एसएसपी को अपनी सुरक्षा के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। बताया गया है कि 23 मई को जब वह मथुरा से गोवर्धन जा रहे थे तो संदिग्ध मोटरसाइकिल सवारों ने उनका पीछा किया और कई दफा उनकी गाड़ी को रुकवाने का प्रयास किया। चूंकि उन्होंने पूर्व में ईदगाह पर लड्डू गोपाल जी का अभिषेक व अब गंगा-जमुना के जल से धोने की मांग अदालत से की है। इसलिए कुछ लोग उनका पीछा कर रहे हैं और उनकी एवं उनके बच्चों की कभी भी हत्या कर सकते हैं।