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आगरा में आत्महत्या का मामला: तीसरे दिन भी जारी रही भूख हड़ताल, मृतक के पिता की बिगड़ी तबीयत
Thu, 11 Nov 2021 11:33 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 11 Nov 2021 11:33 PM IST
सार
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में मांगरौल गूजर निवासी युवक ने फेसबुक लाइव कर एक नवंबर को ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। आत्महत्या के लिए उसने अपने चाचा के परिवार और चौकी प्रभारी रुनकता को जिम्मेदार बताया था। परिवार के लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को भूख हड़ताल पर बैठे थे।
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भूख हड़ताल पर बैठे मृतक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र के गांव मांगरौल गूजर निवासी कृष्ण मुरारी की आत्महत्या के मामले में दरोगा सहित अन्य तीन आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पिता देवेंद्र परमार की भूख हड़ताल बृहस्पतिवार को भी जारी रही। शाम को उनकी हालत बिगड़ गई।
इस पर डॉक्टर को बुलाया गया। मगर, उन्होंने इलाज कराने से इनकार कर दिया। पुलिस भी परिजनों के संपर्क में है। उनसे भूख हड़ताल खत्म करने के बारे में कह रही है। परिजनों ने सिकंदरा थाने से विवेचना स्थानांतरण के लिए प्रार्थनापत्र दिया है।
इन आरोपियों को नहीं हुई गिरफ्तारी
कृष्ण मुरारी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी चाचा लाखन को जेल भेज दिया था। परिजनों का कहना है कि चाची लज्जा, चचेरे भाई मोनू और तत्कालीन चौकी प्रभारी केशव शांडिल्य की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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पिता को सिकंदरा पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने अब विवेचना स्थानांतरण के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। सीओ हरीपर्वत एएसपी लखन कुमार ने बताया कि विवेचना कराई जा रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पिता का कहना है कि वह दरोगा की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाया जाए। परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिले। परिवार के लोगों के साथ ग्राम प्रधान सहित अन्य ग्रामीण भी धरने पर बैठे हैं।
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इस पर डॉक्टर को बुलाया गया। मगर, उन्होंने इलाज कराने से इनकार कर दिया। पुलिस भी परिजनों के संपर्क में है। उनसे भूख हड़ताल खत्म करने के बारे में कह रही है। परिजनों ने सिकंदरा थाने से विवेचना स्थानांतरण के लिए प्रार्थनापत्र दिया है।
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इन आरोपियों को नहीं हुई गिरफ्तारी
कृष्ण मुरारी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी चाचा लाखन को जेल भेज दिया था। परिजनों का कहना है कि चाची लज्जा, चचेरे भाई मोनू और तत्कालीन चौकी प्रभारी केशव शांडिल्य की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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पिता को सिकंदरा पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने अब विवेचना स्थानांतरण के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। सीओ हरीपर्वत एएसपी लखन कुमार ने बताया कि विवेचना कराई जा रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पिता का कहना है कि वह दरोगा की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाया जाए। परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिले। परिवार के लोगों के साथ ग्राम प्रधान सहित अन्य ग्रामीण भी धरने पर बैठे हैं।