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इमरजेंसी में खांसी और अस्थमा के मरीजों के अलग हुए बेड
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31एमएनपी-02-जिला अस्पताल में खांसी और अस्थमा के मरीजों के लिए तैयार वार्ड में लगा पॉली कवच
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिला अस्पताल की इरमजेंसी में खांसी, जुकाम और सांस के मरीजों के लिए अलग से बेड की व्यवस्था की गई है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तीन बेड डलवाए गए हैं। यहां सुरक्षा की दृष्टि से पॉली कवच लगाया गया है।
रविवार की सुबह जिला अस्पताल में खांसी का एक मरीज पहुंचा जिसको लेकर अस्पताल में भर्ती
अन्य मरीजों के तीमारदारों ने उसको सबसे साथ वार्ड में भर्ती कराने का विरोध किया। मामला सीएमएस तक पहुंचा तो सीएमएस ने इमरजेंसी के बरामदे में अलग से विशेष वार्ड की स्थापना कराई गई। यहां तीन अतिरिक्त बेड डलवाए गए। इन तीनों बेडों को पॉली कवच से सुरक्षित किया गया है।
अलग से निमोलाइजर की भी हुई व्यवस्था
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में खांसी, जुकाम व अस्थमा के मरीजों को निमोलाइज कराने के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है। सीएमएस ने इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि खांसी, जुकाम व अस्थमा के मरीजों को अलग से उपचार के साथ ही निमोलाइज किया जाए। इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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रविवार की सुबह जिला अस्पताल में खांसी का एक मरीज पहुंचा जिसको लेकर अस्पताल में भर्ती
अन्य मरीजों के तीमारदारों ने उसको सबसे साथ वार्ड में भर्ती कराने का विरोध किया। मामला सीएमएस तक पहुंचा तो सीएमएस ने इमरजेंसी के बरामदे में अलग से विशेष वार्ड की स्थापना कराई गई। यहां तीन अतिरिक्त बेड डलवाए गए। इन तीनों बेडों को पॉली कवच से सुरक्षित किया गया है।
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अलग से निमोलाइजर की भी हुई व्यवस्था
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में खांसी, जुकाम व अस्थमा के मरीजों को निमोलाइज कराने के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है। सीएमएस ने इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि खांसी, जुकाम व अस्थमा के मरीजों को अलग से उपचार के साथ ही निमोलाइज किया जाए। इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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