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मरीज का ऑपरेशन करने वाला था झोलाछाप, ऐसी बची जान, अस्पताल सील
Tue, 18 Jun 2019 11:06 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 18 Jun 2019 11:06 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया अस्पताल सील
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के यमुनापार क्षेत्र के करन अस्पताल में इंटर पास झोलाछाप रसौली के ऑपरेशन की तैयारी कर रहा था। गनीमत रही कि टीम ने छापा मारा और मरीज की जान बच गई। यहां ऑपरेशन थिएटर में गंदे उपकरण मिले। कोई डॉक्टर नहीं था। टीम ने अस्पताल सील कर दिया है।
एसीएम द्वितीय के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार दोपहर को करन हॉस्पिटल पर छापा मारा। यहां संचालक बृजेश कुमार और फूलवती देवी मिलीं। बृजेश ने शैक्षणिक योग्यता इंटर पास और फूलवती ने खुद को ओटी टेक्नीशियन बताया।
फूलवती डिग्री नहीं दिखा पाई। अस्पताल में सात बेड थे, तीन आईसीयू में मिले। बायोमेडिकल वेस्ट बिखरा हुआ था। यहां टूंडला की पूनम देवी (32) को ड्रिप चढ़ाई जा रही थी।
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एसीएम द्वितीय के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार दोपहर को करन हॉस्पिटल पर छापा मारा। यहां संचालक बृजेश कुमार और फूलवती देवी मिलीं। बृजेश ने शैक्षणिक योग्यता इंटर पास और फूलवती ने खुद को ओटी टेक्नीशियन बताया।
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फूलवती डिग्री नहीं दिखा पाई। अस्पताल में सात बेड थे, तीन आईसीयू में मिले। बायोमेडिकल वेस्ट बिखरा हुआ था। यहां टूंडला की पूनम देवी (32) को ड्रिप चढ़ाई जा रही थी।
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बुधवार को होना है ऑपरेशन
अस्पताल में भर्ती मरीज
- फोटो : अमर उजाला
महिला के पति मानपाल सिंह ने टीम को बताया कि बुधवार को रसौली का ऑपरेशन होना है। कौन डॉक्टर ऑपरेशन करेगा, इसकी उनको जानकारी नहीं है। इसी बीच संचालक ने डॉ. प्रशांत मिश्रा को फोन कर बुलाया।
उन्होंने बताया कि वो यहां पूर्णकालिक डॉक्टर हैं। एसीएम ने उनसे मरीज को क्या बीमारी है और उसको दिए जा रहे इलाज के बारे में पूछा तो वो बगलें झांकने लगे। मरीज के इलाज की फाइल मांगी तो दिखा नहीं पाए। रजिस्टर जांचा तो उसमें तीन जून तक मरीजों का नाम लिखा था।
एसीएम द्वितीय ज्योति राय ने बताया कि इस अस्पताल में पहले भी मरीज की मौत हो चुकी है। यहां भारी गड़बड़ी मिली हैं। मरीजों का इलाज कौन कर रहा है, कोई जानकारी नहीं मिली। सील कर दिया है।
उन्होंने बताया कि वो यहां पूर्णकालिक डॉक्टर हैं। एसीएम ने उनसे मरीज को क्या बीमारी है और उसको दिए जा रहे इलाज के बारे में पूछा तो वो बगलें झांकने लगे। मरीज के इलाज की फाइल मांगी तो दिखा नहीं पाए। रजिस्टर जांचा तो उसमें तीन जून तक मरीजों का नाम लिखा था।
एसीएम द्वितीय ज्योति राय ने बताया कि इस अस्पताल में पहले भी मरीज की मौत हो चुकी है। यहां भारी गड़बड़ी मिली हैं। मरीजों का इलाज कौन कर रहा है, कोई जानकारी नहीं मिली। सील कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया अस्पताल सील
- फोटो : अमर उजाला
डिप्टी सीएमओ डॉ. एसके राहुल ने बताया कि दोनों संचालक ही मरीज का इलाज कर रहे थे। प्रसव भी कराते थे। दो साल से पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं हुआ और आइसीयू भी चलाते मिले हैं। इनको नोटिस भी दिया है। टीम में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अमरेंद्र सिंह, डीएचओ अनिल कुमार रहे।
अल्ट्रासाउंड कराने की जैली मिली
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने में उपयोग होने वाली जैली काफी मात्रा में मिली। सख्ती से पूछताछ करने पर संचालिका फूलवती ने बताया कि वह मरीजों का अल्ट्रासाउंड भी कराती हैं, कहां कराती हैं यह जानकारी नहीं दी।
प्रसव और आपरेशन भी कराती हैं। छापे के दौरान खुद को कर्मचारी बता रहे थे। मालिक कहीं गए हैं कहकर घंटे-डेढ़ घंटे तक उलझाए रहे। टीम को आशंका है कि इस बीच अल्ट्रासाउंड की मशीन हटा दी होगी। हॉस्पिटल में पीछे भी एक गेट था।
अल्ट्रासाउंड कराने की जैली मिली
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने में उपयोग होने वाली जैली काफी मात्रा में मिली। सख्ती से पूछताछ करने पर संचालिका फूलवती ने बताया कि वह मरीजों का अल्ट्रासाउंड भी कराती हैं, कहां कराती हैं यह जानकारी नहीं दी।
प्रसव और आपरेशन भी कराती हैं। छापे के दौरान खुद को कर्मचारी बता रहे थे। मालिक कहीं गए हैं कहकर घंटे-डेढ़ घंटे तक उलझाए रहे। टीम को आशंका है कि इस बीच अल्ट्रासाउंड की मशीन हटा दी होगी। हॉस्पिटल में पीछे भी एक गेट था।